Seva Teerth : कर्तव्य, करुणा और India First का प्रतीक बनेगा सेवा तीर्थ, PM Modi का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की जनता की सेवा करने के अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए और 'नागरिकदेवो भव' की पावन भावना को इसकी मार्गदर्शक शक्ति के रूप में रेखांकित करते हुए, 'सेवा तीर्थ' राष्ट्र को समर्पित किया।
मोदी ने कही कि सेवा तीर्थ का समर्पण जनसेवा और नागरिकों के कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'सेवा तीर्थ' कर्तव्य, करुणा और 'इंडिया फर्स्ट' (भारत प्रथम) के सिद्धांत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक उज्ज्वल और शक्तिशाली प्रतीक के रूप में विद्यमान है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाज़े खुल रहे हैं, जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सभी के कल्याण के प्रति अथक समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा और हर नागरिक की भलाई के लिए समर्पण भाव से आगे बढ़ने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।
पीएम मोदी ने कहा कि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है। Edited by : Sudhir Sharma