1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. ram temple donation case fir registered sit probe ayodhya

Ram mandir donation row : राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR दर्ज, 8 नामजद आरोपी, SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, चंपत राय का नाम नहीं

Ayodhya Ram Mandir
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन एवं अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में टिन्नू यादव और अनुकल्प मिश्रा समेत कुल आठ आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।  मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई है। 
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर, BNS की धारा 306, 316 (5), 317 (4), 317 (5), 61 और 3 (5) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव और अन्य के नाम हैं।
 
आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह कार्रवाई की है।

हमारे अयोध्या के संवाददाता के अनुसार सूत्रों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा देने की जानकारी सामने आ रही है। 
 
फिलहाल एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। राज्य सरकार ने 13 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया था। ट्रस्ट ने राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित दुरुपयोग और गबन के आरोपों की जांच की मांग की थी।
इस मामले ने राजनीतिक रंग तब ले लिया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपए के दान का हिसाब स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मामले का न्यायिक संज्ञान लेने की मांग भी की थी।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

वीएचपी अध्यक्ष ने क्या कहा

अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज होने पर VHP के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मैं बहुत संतुष्ट हूं। कल हमने कहा था कि FIR होनी चाहिए। SIT रिपोर्ट आ गई। इसमें कुछ लोगों के नाम और कुछ सबूत हैं। मुझे इस बात की संतुष्टि है कि जब ट्रस्ट के सदस्यों को उन नामों के बारे में पता चला, तो उन्होंने FIR दर्ज करने में एक दिन भी देर नहीं की। तुरंत दर्ज की, और यह तीसरा कदम है। 
 
पहला कदम तब था जब ट्रस्ट की ओर से चंपत राय ने मुख्यमंत्री से SIT बनाने के लिए कहा था। दूसरा कदम तब था जब SIT पहुंची तब चंपत राय ने कहा कि मेरे से जांच शुरू करें, और मैं आपके सवालों का जवाब दूंगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच करें, इसे जल्द पूरा करके कोर्ट में चालान दाखिल करें, ताकि हम जल्द दोषियों को सलाखों के पीछे देख सकें। 
 
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि SIT ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी है। सरकार विधिसंगत कार्रवाई करेगी। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का एक नेगेटिव एजेंडा है। हिन्दू परंपरा को बदनाम करना इनका एजेंडा है। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Top News : वेनेजुएला भूकंप में 235 मौतें, राम मंदिर चढ़ावा विवाद में FIR, कैंसर की नकली दवाओं पर केंद्र का बड़ा एक्शन