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मुहर्रम से पहले कुंडा में बड़ा एक्शन: राजा भैया और पिता उदय प्रताप सिंह हाउस अरेस्ट, किले के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
कुंडा विधायक राजा भैया और उनके पिता समेत 13 लोगों को पुलिस-प्रशासन ने हाउसअरेस्ट किया गया है। राजा भैया के किले के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। गुरुवार सुबह 5 बजे से हाउस अरेस्ट किए गए विधायक राजा भैया और पिता उदय प्रताप शुक्रवार रात नौ बजे तक कुंडा कोतवाली के भदरी महल में रहेंगे। बंदर की बरसी पर मोहर्रम के दिन हनुमान मंदिर पर तजिए के रास्ते में राजा उदय प्रताप सिंह पूजा पाठ सुंदरकांड और भंडारा करते है।
पिछले कई वर्षों से राजा भैया के पिता को हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है मंदिर के रास्ते सड़क से ताजिया गुजरता है। पुलिस प्रशासन ने भदरी महल में हाउस अरेस्ट का नोटिस चस्पा कर दिया है। मीडिया खबरों के मुताबिक मोहर्रम जुलूस के दिन ताजिए के रास्ते में हनुमान मंदिर पर भंडारे का पुलिस प्रशासन इजाजत नहीं देता है।
क्या है पूरा मामला
2012 में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक हनुमान मंदिर का निर्माण किया था। राजा उदय प्रताप सिंह इसी मंदिर में हर साल मोर्हरम के दिन हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन करते हैं।
ऐसे में कई बार तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है। 2013-2014 में जुलूस और भंडारा साथ आयोजित होने पर स्थित बिगड़ गई थी। इसी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
2015 में भी मोहर्रम के दिन भंडारे का कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था, जिसको लेकर मोहर्रम जुलूस के दौरान बवाल हो गया था। इसी को देखते हुए राजा भैया के पिता और और विधायक राजा भैया को हर साल मोहर्रम पर नजरबंद कर दिया जाता है। इस दौरान पूरे गांव में ही भारी पुलिस फोर्स तैनात रहती है।
सुर्खियों में रहते हैं राजा भैया
राजा भैया खुद को बाहुबली नहीं मानते, लेकिन उनके साथ कई किंवदतियां जुड़ी हुई हैं। कहा जाता है कि वे तालाब में मगरमच्छ रखते हैं और अपने विरोधियों को वहां फेंक देते हैं। वे इसका बात का कई मौकों पर खंडन कर चुके हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे समानांतर अदालत भी चलाते हैं, जहां स्थानीय लोगों के आपसी मसलों को निपटाया जाता है।
प्रतापगढ़ जिले की भदरी रियासत के पूर्व राजकुमार राजा भैया की चुनावी यात्रा 1993 से शुरू हुई जब वे कुंडा से पहली बार निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए। इसके बाद 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 में वे लगातार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुने जाते रहे।
2017 में राजा भैया ने भाजपा के जानकी शरण को 1 लाख 3 हजार 647 वोट के बड़े अंतर से हराया था। यह जीत यूपी चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया जनसत्ता पार्टी का गठन किया फिर उसके बैनर तले चुनाव जीते। उनकी पार्टी ने एक और सीट पर चुनाव जीता था। Edited by : Sudhir Sharma
