सीआईसी ने राजनाथ, मायावती, करात, पवार, सोनिया को नोटिस भेजे

नई दिल्ली| पुनः संशोधित रविवार, 17 जुलाई 2016 (15:25 IST)
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नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने 6 राष्ट्रीय दलों के शीर्ष नेताओं राजनाथ सिंह, मायावती, सोनिया गांधी, प्रकाश करात, और सुधाकर रेड्डी के नाम से नए सिरे से जारी कर उनसे आरटीआई प्रश्नों का जवाब नहीं देने पर कार्यकर्ताओं द्वारा दाखिल मामलों में उनके समक्ष पेश होने को कहा है।
 
नामों से नोटिस तब जारी किए गए, जब शिकायती आरके जैन ने आरोप लगाया कि सीआईसी के रजिस्ट्रार ने 6 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों- भाजपा, कांग्रेस, बसपा, राकांपा, माकपा और भाकपा के खिलाफ उनकी शिकायतों से निपटने में दोहरे मानदंड अपनाए, जहां केवल सोनिया गांधी के नाम से नोटिस भेजा गया जबकि अन्य नोटिस पार्टी प्रमुखों को संबोधित भेजे गए।
 
सीआईसी ने 2013 में आरटीआई कानून के तहत इन पार्टियों को जवाबदेह घोषित किया था जिसके बाद जैन ने फरवरी 2014 में कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों को आरटीआई अर्जी भेजकर उनके चंदे, आंतरिक चुनावों आदि की जानकारी मांगी थी और उनसे कोई जवाब नहीं मिलने पर सीआईसी में शिकायत दाखिल की।
 
नेताओं से 22 जुलाई को आयोग की पूर्ण पीठ के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। पीठ में सूचना आयुक्त बिमल जुल्का, श्रीधर आचार्युलू और सुधीर भार्गव होंगे, जो जैन की याचिका पर सुनवाई करेगी।
 
नोटिस में कहा गया है कि इस बात का संज्ञान लिया जाए कि अगर आप 20 जुलाई 2016 तक अपनी टिप्पणियां-जवाब देने में विफल रहते हैं और उक्त तारीख और समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो समझा जाएगा कि आपको अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और आगे मामले में कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
 
इससे पहले एक नोटिस सोनिया गांधी के नाम से और अन्य पार्टियों को उनके अध्यक्षों-महासचिवों को संबोधित कर भेजा गया था जिसका जैन ने विरोध किया था और मुख्य सूचना आयुक्त से शिकायत की थी। (भाषा)



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