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  4. PM Modi was the target of PFI, there was a conspiracy to attack in Patna rally
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Last Updated: शनिवार, 24 सितम्बर 2022 (13:34 IST)

PFI के निशाने पर थे पीएम मोदी, पटना रैली में रची थी हमले की साजिश

कोच्चि, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने दावा किया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यालयों और उसके नेताओं के ठिकानों पर की गई देशव्यापी छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों में बेहद संवेदनशील सामग्री मिली है।

मीडिया खबरों के अनुसार, जांच एजेंसी ने विशेष एनआईए अदालत में सौंपी गई रिमांड रिपोर्ट में कहा कि PFI ने पीएम मोदी की पटना रैली को भी निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। एनआईए ने 22 सितंबर को 11 राज्यों में छापेमारी कर पीएफआई के 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

कोच्चि में विशेष एनआईए अदालत में सौंपी गई रिमांड रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने यह आरोप भी लगाया है कि इस चरमपंथी इस्लामी संगठन ने युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी समूहों में शामिल होने के लिए बरगलाया। संगठन का इरादा शांति और सद्भाव को भंग करना तथा वैकल्पिक न्याय व्यवस्था चलाना था।

NIA ने कोच्चि में दर्ज एक मामले के संबंध में 10 आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए 22 सितंबर को अदालत में रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीएफआई ने हिंसक जिहाद के तहत आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया और भारत में इस्लामी शासन की स्थापना की साजिश रची।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएफआई लोगों के एक वर्ग के समक्ष सरकारी नीतियों की गलत व्याख्या पेश कर भारत के प्रति नफरत फैलाने और सत्ता तथा उसके अंगों के खिलाफ घृणा का भाव उत्पन्न करने का काम करता है।

एजेंसी ने कहा कि जांच में सामने आया है कि प्राथमिकी में नामजद आरोपी संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। वे समाज के अन्य धार्मिक वर्गों और आमजन के बीच दहशत पैदा करने का काम करते थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, “छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों में ऐसी सामग्री पाई गई है, जिससे पता चलता है कि एक समुदाय विशेष के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया जा रहा था। इस ‘हिट लिस्ट’ से मालूम होता है कि पीएफआई अपने नेताओं के माध्यम से समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का काम कर रहा था।'
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