भारत-अमेरिकी सीईओ बैठक में शामिल हुए ओबामा, मोदी

Last Updated: सोमवार, 26 जनवरी 2015 (20:29 IST)
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नई दिल्ली। भारत अमेरिका सीईओ फोरम की बैठक सोमवार को होटल ताज पैलेस में हुई। इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संबोधित किया। यह बैठक दो साल के बाद हुई जिसमें भारत के 17 और अमेरिका के 30 सीईओ ने भाग लिया।
भारत व अमेरिका के दिग्गज उद्यमियों की सोमवार को यहां हुई बैठक में अमेरिकी प्रतिबंधों को तीसरे देश की कंपनी पर लागू करने, कारोबार का वातावरण आसान बनाने और बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण जैसे दर्जनों विषयों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। इस बैठक को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया।
 
भारत अमेरिका सीईओ फोरम की इस बैठक में भारत के उद्योगपतियों ने दोनों देशों से जुड़े मुद्दों को आपस में साझा किया और सभी मुद्दों को उठाने के बजाय केवल प्रासंगिक क्षेत्रों की बात की।
 
इस बैठक में बाद में ओबामा व मोदी ने अपनी बात रखी। इसमें भारतीय सीईओ को केवल 18 मिनट का समय दिया गया था।
 
चर्चा को देखने वाले सूत्रों ने बताया कि पांच मुख्य कार्यपालकों (सीईओ) ने दो-दो मिनट बोला तथा उसके बाद खुली परिचर्चा हुई जिसमें अन्य सीईओ को अपनी राय रखने का मौका मिला।
 
एचडीएफसी के दीपक पारेख ने कारोबार करने में द्विपक्षीय सुगमता की बात की तो भारती एंटरप्राइजेज के सुनील मित्तल ने इलेक्ट्रॉनिक संकुल विकास और स्मार्ट शहर पर विचार रखे।
 
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कृषि, नवोन्मेष व कौशल विकास, बायोकान की चेयरमैन किरण मजूमदार शा ने दवा उद्योग व बौद्धिक संपदा (आईपी) से जुड़े मुद्दों को उठाया। सूत्रों के अनुसार पारेख ने वीजा प्रतिबंधों पर भी बात की।
 
बैठक की महत्वपूर्ण बातें...
*ओबामा ने कहा-हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें संभावनाओं का लाभ नहीं उठाया गया। काफी काम करने की जरूरत है। हम दोनों देशों के बीच अधिक व्यापार, ज्यादा निवेश देखना चाहते हैं जो लोगों के लिये फायदेमंद होगा।
 
*अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा-ज्यादा व्यापार और निवेश से रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार में 60 फीसदी का इजाफा हुआ है।
 
*ओबामा ने कहा-अमेरिका के निर्यात का सिर्फ एक फीसदी भारत में। सिर्फ कृषि से ही जीडीपी नहीं बढ़गी। भारतीय और अमेरिकी बच्चे सच्चे ग्लोबल पार्टनर। भारत ने निवेश के लिए अहम कदम उठाए हैं। भारत के साथ व्यापार को 100 अरब डॉलर तक लाना है। न्यूक्लियर डील पर हम आगे बढ़े हैं।
 
*कारोबारियों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा-अमेरिका में भारतीयों के निवेश से मैं उत्साहित हूं। हम और ज्यादा कारोबार और निवेश करना चाहते हैं। गणतंत्र दिवस पर न्यौते के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया। निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राजपथ की झांकी देखकर काफी अच्छा लगा। मैं और मोदी स्मार्ट रेगुलेशन के पक्षधर हैं। पिछले दिनों में अमेरिका में भारतीय निवेश बढ़ा है।
 
*मोदी ने कहा-आप यहां खुला और अनुकूल माहौल पाएंगे, हम आपकी मदद करेंगे और आपके साथ चलेंगे। सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने वाला और उद्यमों को पुरस्कृत करने वाला माहौल देगी। व्यवसाय करने के लिहाज से बेहतर शीर्ष 50 देशों में जगह बनाने का लक्ष्य। शांति के लिये समृद्धि कोई गारंटी नहीं, भारत दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है।
 
*मोदी ने उद्योगपतियों से कहा-मेरी सरकार व्यापार के मुताबिक कारोबारियों को माहौल देगी। हम निवेश के लिए बेहतर सुविधा दे रहे हैं। भारत में हर क्षेत्र में भारी संभावनाएं। लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिये अर्थव्यवस्था में वृद्धि जरूरी है।
 
*मोदी ने कहा कि मुझे कौशल पर बहुत भरोसा है। बड़ी परियोजनाओं की निगरानी मैं खुद करूंगा। इसका मैं विश्वास दिलाता हूं।
 
*इंडो-यूएस CEO फोरम की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था सुधारना उनकी  प्राथमिकता है। अर्थव्यवस्था सुधारने की जरूरत है। सुशासन अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। भारत अपार संभावनाओं से भरा हुआ है।
 
*सभी बड़े प्रोजेक्ट्स पर नजर रखी जाएगी। सुशासन सभी समस्याओं का समाधान। निवेश से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। निवेश के लिए भारत अच्छी जगह है।



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