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1st, 2nd क्लास के बच्चों को होमवर्क से मुक्ति, बस्ते का वजन भी तय

Updated: सोमवार, 26 नवंबर 2018 (14:37 IST)
नई दिल्ली। पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को होमवर्क से मुक्ति मिल गई है और दसवीं क्लास के छात्रों के लिए उनके स्कूली बस्ते का बोझ भी कम कर दिया गया है।
 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की और से सोमवार को जारी एक परिपत्र में सभी राज्यों को यह निर्देश दिया गया है। परिपत्र के अनुसार पहली और दूसरी क्लास के छात्रों को अब होम वर्क नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा उनके स्कूली बस्ते का बोझ अधिकतम डेढ़ किलो होगा इस तरह उनके बस्ते को बोझ भी कम के दिया गया है।
 
तीसरी से पांचवीं तक के कक्षाओं के छात्रों के लिए दो से तीन किलो, छठी से सातवीं तक के लिए चार किलो आठवीं से नवीं तक के लिए साढ़े चार किलो और दसवीं क्लास के छात्रों के लिए पांच किलो ग्राम वज़न तक स्कूली बस्ते लाने की अनुमति दी गई है। इस तरह स्कूल उन्हें अतिरिक्त पुस्तकें और पाठ्य सामग्री लाने का निर्देश नहीं दी सकते हैं।
 
मंत्रालय ने पहली और दूसरी क्लास के छात्रों को केवल गणित और भाषा पढ़ाने की अनुमति दी है, जबकि तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों को गणित भाषा और सामान्य विज्ञान को ही पढ़ाने का निर्देश दिया है। जो राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा मान्यता दी गई है। 
 
मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वह इस दिशा में गाइडलाइन तैयार करे और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करें। गौरतलब है कि कई सालों से स्कूली बस्ते का वजन कम करने की मांग की जा रही थी क्योंकि स्कूल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चलाने के लिए स्कूली बस्ते को भारी कर रहे थे और होमवर्क से छोटे बच्चे और उनके अभिभावक भी परेशान थे। (वार्ता)

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