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अब आपके AC का रिमोट सरकार के पास, 20 से 28 डिग्री के बीच रहेगा टेम्परेचर, जानिए नए नियम

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 12 जून 2025 (16:42 IST)
new temperature rules for AC: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो गर्मी से राहत पाने के लिए अपने AC को 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं? अगर हां, तो अब आपको अपनी आदत बदलनी होगी। भारत सरकार जल्द ही एयर कंडीशनर के तापमान को लेकर एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसके तहत AC का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस तय किया जाएगा। यह कदम सिर्फ आपके बिजली बिल पर ही नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण पर भी बड़ा प्रभाव डालेगा। आइए जानते हैं क्या है ये नया नियम और क्यों सरकार इसे इतना महत्वपूर्ण मान रही है।

क्या है नया नियम?
नए नियमों के अनुसार, भारत में बेचे जाने वाले सभी नए एयर कंडीशनर 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे और 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर सेट नहीं किए जा सकेंगे। यह नियम घरों, कार्यालयों, मॉलों, होटलों और यहां तक कि वाहनों में लगे AC पर भी लागू होगा। इसका मतलब है कि अब आप अपने AC से "आइस चिल" कूलिंग की उम्मीद नहीं कर पाएंगे, लेकिन इसके पीछे के फायदे बहुत बड़े हैं। मौजूदा AC, जो अभी 16 या 18 डिग्री तक ठंडा करने की सुविधा देते हैं, वे भी इस नए मानक के दायरे में आ जाएंगे।

सरकार AC टेम्परेचर को क्यों स्टैण्डर्डइज करना चाहती है?
सरकार का यह कदम कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उठाया गया है:
1. ऊर्जा संरक्षण और बिजली की बचत (Energy Conservation, Electricity Saving): भारत में AC से बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि देश की कुल बिजली मांग का लगभग 20% हिस्सा AC से ही आता है, जो लगभग 50 गीगावाट है। जब AC को कम तापमान पर चलाया जाता है, तो कंप्रेसर को अधिक काम करना पड़ता है, जिससे बिजली की खपत कई गुना बढ़ जाती है। एक अध्ययन के अनुसार, AC के तापमान को 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने से बिजली की खपत में 6% तक की कमी आ सकती है। इस नियम से हर साल हजारों करोड़ रुपये की बिजली की बचत होने की उम्मीद है।
2. पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection): बिजली उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा अभी भी कोयले जैसे जीवाश्म ईंधन से होता है। अधिक बिजली खपत का मतलब है अधिक कोयले का जलना और परिणामस्वरूप, अधिक कार्बन उत्सर्जन। यह जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण में योगदान करता है। AC के तापमान को नियंत्रित करके, सरकार कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहती है ।
3. स्वास्थ्य और आराम (Health and Comfort): विशेषज्ञों का मानना है कि 24 से 25 डिग्री सेल्सियस का तापमान मानव शरीर के लिए सबसे आरामदायक और स्वस्थ होता है। बहुत कम तापमान पर AC चलाने से श्वसन संबंधी समस्याएं, त्वचा का सूखना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यह नियम लोगों को एक स्वस्थ और आरामदायक वातावरण बनाए रखने में मदद करेगा।
4. अंतर्राष्ट्रीय मानक (International Standards): भारत ऐसा करने वाला अकेला देश नहीं है। जापान जैसे कई देशों में AC के लिए 26 डिग्री सेल्सियस का तापमान मानक है, जबकि इटली में 23 डिग्री सेल्सियस का मानक है। भारत भी ऊर्जा दक्षता के वैश्विक प्रयासों में शामिल होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।

 

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