भारत को बड़ी राहत: LPG से भरे 2 भारतीय जहाजों ने पार किया होर्मुज, 26 जहाज अभी भी फंसे
भारत का एलपीजी (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज शिवालिक शुक्रवार रात स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को सुरक्षित पार कर गया। आज सुबह एक अन्य भारतीय जहाज ने भी स्ट्रेट ऑफ हार्मुज सफलतापुर्वक पार कर लिया।
इससे देश में रसोई गैस की किल्लत को कुछ कम करने में मदद मिल सकती है। दुनिया के सबसे बड़े VLGC एक बार में 80,000–90,000 टन LPG ले जा सकते हैं। इससे लगभग 50-60 लाख घरेलू LPG सिलेंडर भरे जा सकेंगे।
घबराहट में सिलेंडरों की बुकिंग
हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि फिलहाल भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए कुछ लोग घबराहट में सिलेंडर बुक कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पहले गैस सिलेंडर की औसत बुकिंग 55.7 लाख थी वो अब बढ़कर 75.7 लाख हो गई। देशभर में 25 हजार डिस्ट्रिब्यूटर्स है कही से भी ड्राई आउट की सूचना नहीं है।
एक्शन में सरकार
एलपीजी संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एलपीजी के डायवर्जन को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत ग्राहकों को सिलेंडर प्राप्त करते समय डिलीवरी कर्मी को एक कोड देना होगा। इसके अलावा अस्थायी उपाय के तौर पर एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में बुकिंग के बीच अंतराल को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के रास्ते दुनिया के 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले तेल के जहाजों में आग लगाने की धमकी दी है। इधर अमेरिका ने भी ईरान के खर्ग द्वीप पर बड़ा हमला कर वहां के सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। कहा जा रहा है कि ईरान के लगभग 80-90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से होता है।
edited by : Nrapendra Gupta