सोनू सूद फिर बने मसीहा, दुबई में फंसे यात्रियों के लिए मुफ्त रहने का किया इंतजाम
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने कोरोनाकाल में सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाया था। इसके बाद उन्हें 'गरीबों का मसीहा' कहा जाने लगा। महामारी के दौरान शुरू हुआ सोनू सूद की मदद का सिलसिला अभी भी जारी है। अब वह युद्ध के हालात में दुंबई में फंसे लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस संकट के बीच हजारों यात्री दुबई एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। ऐसे समय में सोनू सूद एक बार फिर मदद के लिए आगे आए हैं। सोनू सूद ने दुबई में फंसे दुनिया भर के यात्रियों के लिए मुफ्त आवास देने की घोषणा की है।
सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए उन सभी यात्रियों को सांत्वना दी है जो उड़ानों के रद्द होने के कारण घर नहीं लौट पा रहे हैं। उन्होंने कहा, दुबई में चल रहे संकट की वजह से जो भी लोग वहां फंसे हुए हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आपके पास रहने के लिए जगह है। हम सुनिश्चित करेंगे कि आपको बिना किसी शुल्क के रहने की सुविधा मिले।
अभिनेता ने आगे स्पष्ट किया कि यह मदद केवल भारतीयों के लिए नहीं, बल्कि किसी भी देश के नागरिक के लिए है। उन्होंने 'दुगास्ता प्रॉपर्टीज' के साथ मिलकर इस राहत कार्य की शुरुआत की है और जरूरतमंदों से इंस्टाग्राम पर सीधे संपर्क करने की अपील की है।
सोनू सूद का नाम अब केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। संकट के समय में आम आदमी की मदद करना उनकी पहचान बन चुका है। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान जब लाखों प्रवासी मजदूर सड़कों पर थे, तब सोनू सूद ने बसों, ट्रेनों और यहां तक कि चार्टर्ड उड़ानों का इंतजाम कर हजारों लोगों को उनके घर पहुंचाया था। वह 'सूद चैरिटी फाउंडेशन' के जरिए हजारों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के मुफ्त इलाज और सर्जरी की व्यवस्था करते हैं।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र असुरक्षित हो गया है। ईरान की जवाबी कार्रवाई और सुरक्षा कारणों से कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। हालांकि भारत सरकार 'ऑपरेशन राहत' के तहत विशेष विमान भेज रही है, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री अभी भी दुबई में फंसे हैं।