कोर्ट में रोए नहीं थे राजपाल यादव, बोले- सोशल मीडिया की कहानियों पर भरोसा न करें
अभिनेता राजपाल यादव ने आखिरकार उन खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह अदालत में रो पड़े थे और उन्होंने जज से कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। राजपाल ने इन बातों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी कहानियों का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
राजपाल यादव ने कहा कि जो लोग मामले की असली जानकारी नहीं रखते, वही इंटरनेट पर तरह-तरह की बातें फैला रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग सहानुभूति दिखाने के नाम पर बातें बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ अपनी “दुकान” चलाने के लिए ऐसी अफवाहें उड़ा रहे हैं।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि अगर कोई उनके चेहरे को देखे तो उसे सिर्फ हंसी दिखनी चाहिए, आंसू नहीं। उनका मानना है कि राजपाल यादव का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आनी चाहिए, क्योंकि उनकी पहचान कॉमेडी से है।
उद्योग और परिवार का मिला साथ
मुश्किल दौर में अक्सर असली रिश्तों की पहचान होती है। राजपाल यादव ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनका साथ दिया, भले ही उनके नाम सोशल मीडिया पर सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि हर मदद को प्रचार की जरूरत नहीं होती।
इसके अलावा उन्हें अपने परिवार का भी पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने साफ किया कि कठिन समय में परिवार और करीबी लोगों ने उन्हें मजबूत बनाए रखा।
दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
चेक बाउंस मामले में हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को अंतरिम जमानत दी है। यह राहत उन्हें अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए मिली है, जो शाहजहांपुर में आयोजित होने वाली है।
सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि राजपाल यादव ने 1.5 करोड़ रुपये की डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करने का निर्देश दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
राजपाल यादव का कहना है कि लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही हर खबर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपने अंदाज में यह भी जताया कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन उनकी पहचान आज भी वही है—हंसी और खुशमिजाजी।
फिलहाल, उन्होंने साफ कर दिया है कि कोर्ट में रोने या पैसे की कमी की बातें सिर्फ अफवाह हैं। अब सबकी नजर 18 मार्च की सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले में अगला मोड़ सामने आएगा।