दिल्ली में गिरफ्‍तार आतंकी के पिता ने किया बड़ा खुलासा...

पुनः संशोधित रविवार, 23 अगस्त 2020 (16:41 IST)
लखनऊ। दिल्ली में शनिवार को के आतंकवादी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम की गिरफ्तारी से स्तब्ध उसके पिता ने कहा कि उन्हें कभी यह नहीं लगा कि उनका बेटा दहशतगर्दी की राह पर चल पड़ा है। मुस्तकीम के पिता कफील अहमद ने रविवार को एक टीवी चैनल से कहा कि उनका बेटा बीमार रहता था और उन्हें कभी एहसास तक नहीं हुआ कि वह की राह पर चल रहा है।
उन्होंने कहा कि मुस्तकीम शुक्रवार को राठ जाने के लिए अपने घर से निकला था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला, शनिवार को मालूम हुआ कि दिल्ली में उसकी गिरफ्तारी हुई है। यह पूछे जाने पर कि पुलिस बता रही है कि यूसुफ ने यहां कहीं बारूद इकट्ठा किया था और पास के कब्रिस्तान में जाकर बम की टेस्टिंग करता था, कफील ने कहा,वह बाग में तो जाता ही नहीं था।

हम लोग ईद-बकरीद बाग के कब्रिस्तान में जाकर फातिहा करते हैं। हो सकता है वह कभी एकाध बार चला गया हो लेकिन हमने बारूद के बारे में तो कुछ सुना ही नहीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मालूम होता कि मुस्तकीम बारूद इकट्ठा कर रहा है तो वह उसे अपने घर में कतई न रहने देते।

इस सवाल पर क्या उन्हें मालूम है कि उनके घर से विस्फोटक बरामद हुआ है, कफील ने कहा, हमें कुछ नहीं पता। रात में जब पुलिस आई है और उसने सामान ढूंढकर निकाला तब हमें पता लगा कि यह क्या चीज है। हमें कुछ नहीं पता कि यह सब बरामदगी कहां से हुई।

कफील ने कहा कि जो कुछ हुआ उन्हें उसका बेहद अफसोस है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि मुस्तकीम बहुत अच्छा लड़का है। वह बहुत कायदे से बातचीत करता है। किसी से कोई झगड़ा बवाल नहीं करता है।

गौरतलब है कि बलरामपुर जिले के बढ़या भकसाई गांव के निवासी मुस्तकीम उर्फ अबू यूसुफ को ने धौलाकुआं इलाके में शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि यूसुफ आईएसआईएस का आतंकवादी है और उसके पास से आईईडी विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

प्रदेश के आतंकवादरोधी दस्ते की एक टीम शनिवार को मुस्तकीम के गांव पहुंची थी और कई लोगों से पूछताछ की थी। मुस्तकीम करीब आठ साल पहले मुंबई में प्लास्टर ऑफ पेरिस का काम करता था लेकिन चोट लग जाने के बाद वह अपने गांव चला आया और उसने करीब चार साल पहले हाशिम पारा बाजार में कॉस्मेटिक की दुकान खोली थी।(भाषा)



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