भस्म योग से कम होता मारक ग्रहों का असर

पुनः संशोधित शुक्रवार, 17 मई 2019 (20:47 IST)
भस्म योग के माध्यम से मारक ग्रहों के असर को कम कर उन्हें अपने अनुकूल बनाया जा सकता है। इस योग के जरिए व्यक्ति की सहनशीलता में वृद्धि होती है, जिसके माध्यम से वह ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम कर सकता है। सबसे अहम बात यह है कि व्यक्ति प्रशिक्षण के उपरान्त खुद ही अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है।

यह कहना है के प्रणेता केके मिश्रा (कृष्णा गुरुजी) का। उन्होंने बताया कि भस्म योग डिवाइन एस्ट्रो हीलिंग का ही हिस्सा है और यह महाकालेश्वर की भस्म आरती से ही जन्मा है। उन्होंने बताया कि जिस तरह 12 राशियां होती हैं, उसी तरह मनुष्य के शरीर में भी 12 हिस्से (कमरे) होते हैं। उनमें से प्रत्येक की एक राशि होती है और राशियों को अलग-अलग ग्रह संचालित करते हैं।

निशुल्क कोर्स : मिश्रा बताते हैं कि डिवाइन एस्ट्रो हीलिंग का कोर्स तीन स्टेप में होता है और ‍कोई भी इसे ऑनलाइन कर सकता है। इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पहली स्टेप में व्यक्ति खुद और अपने पत्नी-बच्चों को हील करता है, जबकि दूसरी स्टेप पूरी करने के बाद वह परिजनों और रिश्तेदारों को हील कर सकता है। तीसरी स्टेप पूरी करने के बाद साधक किसी को भी हील कर सकता है।
मिश्रा मानते हैं कि हमारे शरीर के भीतर ही हर शक्ति मौजूद है। भस्म योग के माध्यम से खुद से खुद को जोड़कर सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। कृष्णा गुरुजी देश-विदेश के कई लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा, दुबई, नीदरलैंड और मलेशिया के करीब 35 लोग एस्ट्रो हीलर बन चुके हैं।

मिश्रा ने बताया कि वे शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक टेलीफोन पर लोगों को हीलिंग देते हैं, जबकि अस्पताल में भर्ती लोगों के लिए समय की कोई सीमा नहीं है। वे किसी भी समय उनसे हीलिंग ले सकते हैं। मिश्रा एस्ट्रो हीलिंग के जरिए विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान करने का भी दावा करते हैं।


क्रूज पर योग : मिश्रा ने बताया कि 25 जून अमेरिका और कनाडा के विभिन्न शहरों में भस्म योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का समापन विश्व योग दिवस के दिन पर क्रूज पर योग के साथ होगा।
गोल्डन बुक रिकॉर्ड : ‍केके मिश्रा को नेपाल के हिल्सा में सबसे ज्यादा ऊंचाई वाले स्थान पर एस्ट्रो हीलिंग के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका है। यह आयोजन विश्व योग दिवस के मौके पर किया गया था। इसके मिश्रा चलती ट्रेन में, हवाई अड्‍डे पर और महाकाल मंदिर परिसर में भिखारियों को भी योग करवा चुके हैं। मिश्रा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कैलाश मानसरोवर में भी एस्ट्रो हीलिंग शिविर का आयोजन कर चुके हैं।

 

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