अमेरिका की नई पॉलिसी से भारत में फंसे NRI, गूगल की कर्मचारियों को सलाह
Donald Trump immigration policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों ने भारतीय (NRI) H-1B वीजा धारकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, वर्क परमिट रिन्यू कराने भारत आए प्रवासी अब इन नीतियों के कारण वापस नहीं लौट पा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की नई 'सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी' के कारण दिसंबर में होने वाले वीजा इंटरव्यू अब मार्च तक टाल दिए गए हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग यहां फंस गए हैं।
गूगल की कर्मचारियों को सलाह : इस बीच, 15 से 26 दिसंबर के बीच तय इंटरव्यू बिना किसी पूर्व सूचना के कैंसिल कर दिए गए। इस बीच, गूगल ने अपने कर्मचारियों को विदेश यात्रा न करने की सलाह दी है। कंपनियों को डर है कि लंबे समय तक कर्मचारी गायब रहे तो काम प्रभावित होगा। अब वीजा रिन्युअल से पहले आवेदकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल की गहन जांच होगी। इसके लिए प्रोफाइल को 'पब्लिक' रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि सितंबर में ही ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर एक लाख डॉलर का भारी शुल्क भी लगाया था। अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीयों के लिए छुट्टियां मनाना अब भारी पड़ रहा है। अमेरिका द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देकर लागू की गई नई सोशल मीडिया स्क्रीनिंग ने वीजा रिन्युअल की प्रक्रिया को ठप कर दिया है।
डरे हुए हैं एनआरआई : अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया की बारीकी से जांच के कारण अब अपॉइंटमेंट अगले साल (मार्च) तक खिसक गए हैं। दूतावास ने सख्त हिदायत दी है कि बिना पुख्ता अपॉइंटमेंट के कोई भी ऑफिस न आए। शादी-ब्याह या निजी कारणों से भारत आए लोग अब अपनी नौकरियों को लेकर डरे हुए हैं। दिग्गज कंपनियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा, जहां बिना किसी सूचना के सामूहिक रूप से अपॉइंटमेंट रद्द किए गए हों।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala