यूपी में डेंगू बुखार का कहर, बिहार में भी बिगड़े हालात

Author हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित बुधवार, 8 सितम्बर 2021 (19:13 IST)
कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच उसके वेरिएंट्‍स के व्यवहार और खात्मे के लिए विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है। कोरोना अभी पूरी तरह खत्म भी नही हुआ है। इसी बीच मौसमी बुखार के साथ डेंगू ने उत्तर प्रदेश, एवं में भी पैर पसार लिए है।

यूपी के तीन जिले फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा में डेंगू और के चलते हालत खराब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां के हालात पर खुद नजर बनाए हुए हैं, सीएम ने लखनऊ के पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया अस्पताल से 3-3 विशेषज्ञों की टीम इन तीनों शहरों के लिए भेजी है। लखनऊ से भेजे गए ये एक्सपर्ट डॉक्टर फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा के डॉक्टरों को इलाज के लिए विशेष सलाह देंगे और गंभीर मरीजों का खुद इलाज करेंगे।

के अन्य जिलों एटा, कासगंज, मैनपुरी, मेरठ, बागपत, वाराणसी, मुरादाबाद, बुलंदशहर सहित मुजफ्फरनगर में भी डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वहीं फिरोजाबाद, मथुरा, बलिया जैसे जिलों में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हांफने लगा है, क्योंकि मरीज बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में बेड कम हैं। एक बेड पर दो-दो या अधिक मरीज कर रखकर उपचार किया जा रहा है।

बच्चों में ज्यादा असर : डेंगू बुखार का प्रकोप विशेषतौर पर बच्चों में अधिक देखने के लिए मिल रहा है। इस बुखार से बच्चे दम भी तोड़ रहे हैं। इसका शिकार नौनिहाल हो रहे हैं। प्रदेश के 6 जिलों में इसका प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है। अकेले उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में लगभग 450 मरीज डेंगू और वायरल बुखार के भर्ती हैं। फिरोजाबाद में डेंगू से मरने वालों की संख्या 80 से अधिक हो गई है। वहीं मथुरा के कई गांव भी इसकी चपेट में आ गए हैं और अब तक वहां पर डेंगू से पीड़ित में भी एक दर्जन बच्चों सहित 19 लोगों की मौत हो चुकी है।

मथुरा में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने पहुंचकर जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी बातचीत की है। अनु चौधरी ने कहा कि जिन बच्चों की मौत यहां हुई है, उनकी जांच करने के साथ ही अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
एक्सपर्ट की टीम का दौरा : वहीं, फिरोजाबाद में लखनऊ से आई एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने डेंगू प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए मरीजों के परिजनों से बातचीत भी की है, एक्सपर्ट टीम स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया है, अब ये विशेष टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करके लखनऊ भेजेगी।

मथुरा में बुखार के दौरान ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से कम होने के चलते खून की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके लिए नहर में विभिन्न सामाजिक संगठन और पुलिस के जवान भी रक्तदान करने के लिए विशेष कैंप लगा रहे हैं। वहीं, जरूरत के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से कानपुर, लखनऊ, आगरा से भी प्लेटलेट्स की व्यवस्था की जा रही है।

फिरोजाबाद, मथुरा के डेंगू और वायरल बुखार के मरीज आगरा मेडिकल कालेज सहित प्राईवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। इतना ही नहीं हालात बिगड़ने पर ये हायर सेंटर या दिल्ली में भी ट्रीटमेंट ले रहे हैं। फिलहाल में दिल्ली में उपचार ले रहे एक बच्चे की मौत हो गई है।

सफाई अभियान और फॉगिंग : डेंगू प्रभावित जिलों और क्षेत्रों में विशेष तौर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है, फॉगिंग भी की जा रही है। जगह-जगह स्वास्थ्य विभाग अपनी टीमें भेज कर लोगों को डेंगू से बचने के उपाय भी बता रहा है, पोस्टर भी दीवारों पर लगाये जा रहे है। सभी जिलों में प्रशासन और नगर निगम की ओर से मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर शहर में दवा का छिड़काव करवख रहा है।

मछलियों की मदद : फिरोजाबाद में डेंगू से फैली महामारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने गंबूसिया मछलियों का सहारा ले रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि गंबूसिया मछलियों को तालाब में छोड़ने से ये लाखों मच्छर का लार्वा भक्षण कर लेंगी, जिसे मच्छर जनित रोगों पर काफी हद तक लगाम लगाया जा सकता है। फिरोजाबाद की नगर आयुक्त प्रेरणा शर्मा ने बताया कि जलभराव वाले 50 स्थानों पर गंबूसिया मछलियां छोड़ी जाएंगी, फिलहाल अभी 5 तालाबों में यह छोड़ी गई हैं।

सीएम के कड़े निर्देश : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग और नगर विकास विभाग को निर्देश देते हुए कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए, जिसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में स्वच्छता-सैनिटाइजेशन का कार्य करावाया जाए। यह कार्य केवल डेंगू और वायरल प्रभावित जिलों के लिए नहीं है, अपितु प्रदेश के सभी 75 जिलों में तत्काल रूप से इस स्वच्छता और सैनिटाइजेशन मिशन का शुरू कर दें। इसी के पूरे प्रदेश में निगरानी समितियों एक्टिव मोड में आ जाएं, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।

सीएम ने स्पष्ट किया की फिरोजाबाद में स्वास्थ्य एवं नगर विकास के अधिकारियों ने अपने दायित्वों को निभाने में लापरवाही की थी, जिसके चलते वहां की स्थिति बिगड़ गई है, मामले में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वाराणसी में अस्पताल फुल : वाराणसी में भी मौसमी बुखार के चलते अस्पतालों में मरीजों का दबाव बेहद बढ़ गया है। वायरल बुखार के चलते अस्पताल फुल हैं, मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। इन्हीं मौसमी बीमारियों के कारण पूर्वांचल का एम्स कहा जाने वाला काशी हिंदू विश्वविद्यालय का सर सुंदरलाल अस्पताल फुल है। यहां न केवल पूर्वांचल, बल्कि बिहार और नेपाल तक से मरीज इलाज कराने आते हैं।

उत्तर प्रदेश से सटे बिहार राज्य के कई जिलों में वायरल बुखार का प्रकोप देखने को मिल रहा है। इस बुखार की चपेट में विशेष रूप से 14 साल के बच्चे जकड़े जा रहे हैं।

बिहार में बिगड़े हालात : बिहार के कई जिलों में हालात बिगड़ रहे हैं, यहां की राजधानी पटना के कई बड़े अस्पताल जिसमें नालंदा मेडिकल कॉलेज, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान और पटना एम्स में बच्चों के बेड लगभग फुल हो गए हैं। हालांकि पटना के NMCH में बच्चों के लिए 84 बेड की व्यवस्था है मगर फिलहाल वहां 87 बच्चों का इलाज चल रहा है।

देहरादून में मिले 14 मरीज : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 14 डेंगू पेशेंट मिले हैं, हालांकि सब कवर होकर घर चले गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए शहर में जांच अभियान शुरू करवा दिया है। वहीं कुछ जगहों पर मच्छर के लारवा मिला है, जिसे टीम ने नष्ट कर दिया। जिले में 1 लाख 53 हजार 803 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इसमें से 8548 घरों में मच्छर का लारवा पाया गया, जिसे टीमों ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।



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