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अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या में आई कमी, जानिए क्‍या है कारण...

Updated: सोमवार, 15 नवंबर 2021 (20:23 IST)
नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या में पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 2020-21 में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान द्वारा सोमवार को जारी एक वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के प्रभाव को संख्या में कमी के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

‘ओपन डोर्स रिपोर्ट 2021’ के अनुसार हालांकि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिका एक शीर्ष गंतव्य बना हुआ है, और अभी भी चीन के बाद भारतीय छात्र अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है।

अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यहां ‘फुलब्राइट हाउस’ में कुछ विवरण साझा किए, और कहा, अकेले इस गर्मी में 62,000 से अधिक छात्र वीजा जारी किए गए, जो पिछले किसी भी वर्ष की तुलना में अधिक है।

अमेरिकी दूतावास में सांस्कृतिक और शैक्षिक मामलों के सलाहकार एंथनी मिरांडा ने कहा, छात्र वीजा के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या में कमी एक कोविड समस्या के कारण थी, और समग्र प्रवृत्ति आमतौर पर सकारात्मक रही है।

उन्होंने शिक्षा और छात्र गतिशीलता पर कोविड-19 महामारी के वैश्विक प्रभाव के बारे में बात की, और अमेरिका में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में गिरावट के साथ अमेरिका को भी इसके प्रभाव का सामना करना पड़ा।

मिरांडा ने रिपोर्ट के हवाले से कहा, पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 2020-21 में अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि इसी अवधि के संदर्भ में, अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में कुल मिलाकर लगभग 15 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि महामारी के प्रभाव के बावजूद, अमेरिका अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक शीर्ष गंतव्य बना हुआ है, जो 200 से अधिक मूल स्थानों से 9,14,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करता है। अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा, ओपन डोर्स रिपोर्ट 2021 के अनुसार, 2020-2021 शैक्षणिक वर्ष में 1,67,582 छात्रों के साथ भारतीय छात्रों में इस संख्या का लगभग 20 प्रतिशत शामिल है।

वार्षिक रिपोर्ट अमेरिकी विदेश विभाग के शैक्षिक और सांस्कृतिक मामलों के ब्यूरो के साथ साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (आईआईई) द्वारा प्रकाशित की जाती है। मिरांडा ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिका एक शीर्ष गंतव्य बना हुआ है।

दूतावास में कांसुलर मामलों के मंत्री डोनाल्ड हेफ्लिन ने कहा कि महामारी और लॉकडाउन से बड़ी चुनौतियां सामने आईं और उन माता-पिता के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुईं, जिनके बच्चे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने वाले थे, लेकिन छात्रों के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों (अमेरिका और भारत) द्वारा प्रयास किए गए।

उन्होंने कहा, वैश्विक महामारी के बावजूद, भारतीय छात्र वीजा के लिए आवेदन करने और अमेरिका की यात्रा करने में सक्षम थे। हमने अकेले इस गर्मी में 62,000 से अधिक छात्र वीजा जारी किए, जो पिछले किसी भी वर्ष की तुलना में अधिक है। इससे पता चलता है कि विदेश में पढ़ने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका पसंदीदा जगह बना हुआ है। हम आने वाले वर्ष में कई और वीजा जारी करने की उम्मीद करते हैं।(भाषा)

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