कोरोना काल में एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल, सेवाएं प्रभावित होने का अंदेशा

Last Updated: गुरुवार, 26 नवंबर 2020 (10:53 IST)
मुंबई। मजदूर संघों की 1 दिन की हड़ताल में बैंक कर्मचारी संगठनों के शामिल होने से गुरुवार को देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इस हड़ताल में सार्वजनिक, निजी और कुछ विदेशी बैंकों के 4 लाख से अधिक कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
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भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों ने सरकार की विभिन्न नीतियों के खिलाफ गुरुवार को एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। इस बीच कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि वे बैंकिंग संबंधित लेनदेन और अन्य सेवाओं के लिए इंटरनेट, और जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई) और बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) से जुड़े बैंक कर्मचारी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों के एक संगठन- अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने हड़ताल को समर्थन दिया है।
ने एक बयान में कहा कि कारोबार सुगमता के नाम पर लोकसभा ने हाल में 3 नए श्रम कानून पारित किए हैं। ये पूरी तरह से कॉर्पोरेट के हित में हैं। करीब 75 प्रतिशत कर्मचारियों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर दिया गया है और नए कानूनों के तहत उनके पास कोई विधिक संरक्षण नहीं है।
एआईबीईए, भारतीय स्टेट बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारियों को छोड़कर लगभग सभी बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है। विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्र के पुराने बैंकों समेत कुछ विदेशी बैंकों के कर्मचारी एआईबीईए के सदस्य हैं। बैंक कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन की वजह बैंकों का निजीकरण और क्षेत्र में विभिन्न नौकरियों को आउटसोर्स करना या संविदा पर करना है।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों की मांग क्षेत्र के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करना और बड़े कॉर्पोरेट ऋण चूककर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना भी है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने शेयर बाजार से कहा कि यदि हड़ताल प्रभावी रहती है तो बैंक शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। (भाषा)



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