सरकार एकतरफा नहीं लाएगी धर्मांतरण विरोधी कानून: वेंकैया नायडू

पुनः संशोधित गुरुवार, 1 जनवरी 2015 (10:00 IST)
तिरुवनंतपुरम। पुन:को लेकर विवाद उत्पन्न होने पर धर्मांतरण विरोधी कानून लाने का विचार व्यक्त करने वाली सरकार ने स्पष्ट किया कि वह ऐसा कानून एकतरफा तौर पर नहीं लाएगी।
 
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कल यहां कहा, ‘धर्मांतरण रोधी कानून लाना सरकार की प्राथमिकता नहीं है और सरकार का एकतरफा तौर पर धर्मांतरण विरोधी कानून लाने का कोई इरादा नहीं है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार किसी धर्मांतरण विरोधी कानून पर काम कर रही है, उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया।
 
यद्यपि नायडू ने कहा, ‘यदि आमसहमति बनती है, यदि विपक्ष भी सोचता है कि इसकी जरूरत है, इस पर विचार किया जा सकता है।’ नायडू ने कहा कि सरकार की देश के कुछ हिस्सों में चल रहे ‘घर वापसी’ कार्यक्रमों में कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है।
 
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह नरेंद्र मोदी सरकार के विकास के एजेंडा को पटरी से उतारने के लिए धर्मांतरण का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कम्युनिस्टों की सहायता से सरकार के खिलाफ ‘दुष्प्रचार अभियान’ चला रही है। (भाषा)



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