चिकनगुनिया का 'खौफ', 10 की मौत, कहां हैं जिम्मेदार...
नई दिल्ली। देश में जनता के स्वास्थ्य को लेकर राज्य और केंद्र सरकारें कितनी संवेदनशील हैंं, इसका ताजा उदाहरण है दिल्ली में चिकनगुनिया से हुईं 10 मौतें। जनता चिकनगुनिया, डेंगू से त्रस्त है और मंत्री नेता-इसके लिए एक-दूसरे आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। बीमारी से त्रस्त जनता इन चुने हुए नुमाइंदों की ओर इस आस से देख रही है कि वे इस चिकनगुनिया के प्रकोप से मुक्ति दिलाएंगे। दिल्ली में इस मौसम में इस बीमारी के अब तक 1,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
कभी राज्य और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप से सुर्खियों में रहने वाली देश की राजधानी इन दिनों चिकनगुनिया के कारण चर्चा में है। चिकनगुनिया का यह मच्छर दिल्ली में 10 लोगों की जान ले चुका है और नेता-मंत्री, अधिकारी अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बीमारी के प्रकोप के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का वह बयान भी जख्म पर नमक छिड़कने का काम कर गया जिसमें उन्होंने कहा था कि चिकनगुनिया से कोई मौत नहीं हो सकती और ये महामारियां एक साजिश हैं। दिल्ली बीमारी से बदहाल है और एलजी जंग अमेरिका में हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बेंगलुरु में सर्जरी करवा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए फिनलैंड गए हुए हैं।
अगले पन्ने पर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मांगा जवाब...
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राष्ट्रीय राजधानी समेत देश में डेंगू और चिकनगुनिया की स्थिति की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से भी बातचीत की और उन्हें केंद्र से सभी सहायता का आश्वासन दिया।
नड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि हमने दिल्ली सरकार से (चिकनगुनिया मौतों) के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि मौत के इन मामलों में इन दोनों बीमारियों की भूमिका और तत्संबंधी ब्योरा क्या है।
उन्होंने कहा कि एक दूसरी राय है कि मौत चिकनगुनिया की वजह से नहीं होती है और यह मौत की वजह नहीं बनती, लेकिन तब भी हमने दिल्ली सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जो भी सहायता और सहयोग जरूरी होंगे, उपलब्ध कराए जाएंगे।
देश में भी हालात गंभीर : दिल्ली और देश के अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोग चिकनगुनिया की चपेट में आ रहे हैं। नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के अनुसार देशभर से 31 अगस्त तक चिकनगुनिया के 12,255 मामले सामने आए हैं। अकेले कर्नाटक में 8,941 मामले सामने आए हैंं। महाराष्ट्र में 839 और आंध्रप्रदेश में 492 लोग इसकी चपेट में आए।