अयोध्या में विवादित ढांचा मस्जिद नहीं थी, 1992 में ऐतिहासिक भूल को किया गया ठीक : प्रकाश जावड़ेकर

पुनः संशोधित रविवार, 24 जनवरी 2021 (23:02 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री (Prakash Javdekar) ने अयोध्या स्थित को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि आक्रमणकारी जानते थे कि देश के प्राण इस मंदिर में हैं। इसलिए उसे गिरा दिया गया। जावड़ेकर ने कहा कि बाबर ने राम मंदिर पर आक्रमण किया और एक विवादित ढांचा बनाया।

वह मस्जिद नहीं थी क्योंकि जहां इबादत नहीं होती वह मस्जिद नहीं होती। वह एक विवादित ढांचा था। जावड़ेकर ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को हम कारसेवक के रूप में अयोध्या में उपस्थित थे।

जावड़ेकर ने कहा कि जब विदेशी आक्रमणकारी आए, बाबर आए, तब उन्होंने राम मंदिर ही क्यों तोड़ा...उन्हें समझ आया कि इस देश का प्राण अगर कहीं है तो वह राम मंदिर में है, इसलिए राम मंदिर पर आक्रमण किया। राम मंदिर पर आक्रमण करके एक विवादित ढांचा बनाया गया।
अयोध्या में बन रहा राम मंदिर देश में एकता का मंदिर है और विभिन्न धर्मों के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं।

दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जावड़ेकर ने कहा कि ‘राम जन्मभूमि आंदोलन’ देश के स्वाभिमान के लिए आंदोलन था।

कार्यक्रम का आयोजन राम मंदिर निर्माण में बड़ी राशि देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर बन रहा राम मंदिर देश की एकता का मंदिर है। राम देश को एकजुट करते हैं और देश की एकता के प्रतीक हैं।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा, ‘‘बाबर जब भारत आया था तो उसने अयोध्या में राम मंदिर को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्राचीन राम मंदिर को कथित तौर पर तोड़े जाने के बाद बना विवादित ढांचा मस्जिद नहीं था क्योंकि वहां कभी धार्मिक कार्य नहीं हुए।

जावड़ेकर ने कहा कि वह 1992 में अयोध्या में थे और देखा कि किस तरह से एक ‘ऐतिहासिक भूल’ को ठीक किया गया। उन्होंने कहा कि हम एक रात पहले वहां सोए हुए थे। के तीन गुंबद दिख रहे थे। अगले दिन दुनिया ने देखा कि किस तरह से ऐतिहासिक भूल को ठीक कर दिया गया। (इनपुट भाषा)



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