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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अयोध्या की हो रही ‘किलेबंदी’, सुरक्षा व्यवस्था की ग्राउंड रिपोर्ट

Updated: बुधवार, 6 नवंबर 2019 (15:40 IST)
अयोध्या । दिवाली के बाद अब पूरे देश की निगाहें अयोध्या पर जा टिकी है। नवंबर के पहले पखवाड़े में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ अयोध्या विवाद में अपना फैसला सुना सकती है।

देश के सबसे बड़े विवाद पर देश की सबसे बड़ी अदालत के सुप्रीम फैसले से पहले अब यूपी सरकार और अयोध्या का जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। अयोध्या में चाक चौंबद सुरक्षा व्यवस्था के लिए चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है वहीं खुफिया एजेंसियों ने भी जिले में अपना डेरा डाल दिया है। 
 
फैसले से पहले अयोध्या की किलेबंदी – सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से पहले अयोध्या को सुरक्षा के लिहाज से किले में बदला जा रहा है। मामले की संवदेनशीलता देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की अयोध्या में तैनाती की जा रही है।

फैसले से पहले अयोध्या में 300 कंपनी पीएएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती होने का अनुमान जताया जा रहा है जिसमें त्यौहारों को देखते हुए 100 कंपनियां पहले से ही अयोध्या में पहुंच कर सुरक्षा की कमान संभाल चुकी है। जबकि पीएएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की और 200 कंपनियों का अयोध्या पहुंचने का सिलसिला शुरु हो चुका है। फैसले से पहले अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।

इसके साथ ही सरयू नदी के तट पर सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए जा रहे है। अयोध्या में त्यौहारों को देखते हुए पुलिस के अधिकारी लगातार फ्लैग मार्च कर रहे है। जिले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी धारा 144 का शक्ति से पालन कराने लगे है।  
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अलर्ट पर अवध क्षेत्र – सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर पूरे अवध क्षेत्र के पुलिस-प्रशासन को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है।

अयोध्या से सटे जिलों और सीमा पर खासी सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए अयोध्या जिला प्रशासन ने आसपास के जिलों के पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अयोध्या से लगी सीमा पर खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है।

अयोध्या के अलावा बस्ती,गोंडा,बहराइच, बलरामपुर जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को दिए गए है। इसके साथ ही नेपाल से सटे जिलों में सीमा पर आने जाने वालों पर खुफिया विभाग के अधिकारी भी निगाह रख रहे है। अयोध्या से लगी सीमाओं पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है और संदिग्धों की पहचान के लिए विशेष अभियान चला रही है।  
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खुफिया एजेंसियों ने डाला डेरा –अयोध्या पर सुप्रीम फैसले से पहले खुफिया एजेंसियों ने अयोध्या में अपना डेरा डाल दिया है। प्रशासन ने जिले के होटलों में 8-10 कमरे अपने लिए आरक्षित करा लिए है।

राजधानी लखनऊ से लेकर अयोध्या तक इंटेलीजेंस के अधिकारी रोजना सुरक्षा के सभी बिंदुओं को लेकर समीक्षा कर रहे है।

फैसले से पहले पुलिस मुख्यालय ने संवेदनशील जिलों में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को धर्मगुरुओं और विभिन्न संगठनों के साथ बैठक कर शांति- व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

अयोध्या पर फैसले से पहले उत्तर प्रदेश में आतंकी हमले के इनपुट के बाद आईबी और एसटीएफ के अधिकारी लगातार सर्च ऑपरेशन कर संदिग्ध लोगों की निगरानी कर रहे है।
लेखक के बारे में
विकास सिंह
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