Heatwave Advisory: 50 डिग्री तक चढ़ेगा पारा, सरकार की एडवाइजरी, 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें, जारी किए टोल फ्री नंबर

Last Updated: सोमवार, 2 मई 2022 (14:11 IST)
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एडवाइजरी में बताया है कि तेज गर्मी खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें. जरूरी हो तो छाता लेकर या टोपी, तौलिया, गमछा आदि से ढककर जाएं। प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें। सरकार ने कहा है कि नवजात व छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वालों को लू लगने का ज्यादा खतरा है।

नई दिल्ली, देश में लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एडवाइजरी में नागरिकों को बताया है कि लू से बचाव के लिए और लू लगने की स्थिति में क्या करें, क्या न करें।

साथ ही राज्य सरकारों को लू के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों के लिए प्रचंड गर्मी से राहत रहेगी, लेकिन उसके बाद पारा फिर से चढ़ेगा। IMD ने उत्तर भारत में इस बार तापमान 50 डिग्री से ऊपर पहुंचने का अनुमान लगाया है।

केंद्र सरकार की ये एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब प्रचंड गर्मी ने उत्तर भारत में 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल में उत्तर-पश्चिमी इलाकों में औसत अधिकतम तापमान 35.90 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मध्य भारत में ये 37.78 डिग्री रहा। जो पिछले 120 सालों में सबसे ज्यादा है। पारे ने अप्रैल में ही कई जगह 47 डिग्री का स्तर छू लिया है।

दिल्ली की गर्मी में 72 साल का रिकॉर्ड झुलस गया है। इसकी प्रमुख वजह जलवायु परिवर्तन और बारिश में बेहद कमी बताई जा रही है। 1 मार्च से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में 32% तो उत्तर पश्चिम भारत में 86 फीसदी तक कम बारिश हुई।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, गर्मी के इन्हीं तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी करके लोगों को आगाह किया है। सलाह दी गई है कि तेज गर्मी खासकर दोपहर को 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें।

जरूरी हो तो छाता लेकर जाएं या सूरज की सीधी रोशनी से बचने के लिए टोपी, तौलिया, गमछा आदि से अच्छी तरह ढककर रहें। नंगे पैर धूप में न निकलें। प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस आदि लें। मौसमी फल-सब्जियां खाएं। शराब से दूर रहें।

सरकार ने कहा है कि नवजात और छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दिमागी तौर पर परेशान लोगों और बाहर खुले में काम करने वालों को लू लगने का ज्यादा खतरा है। चक्कर आना, हाथ एड़ी व टखने में सूजन, मांसपेशियों में कमजोरी, अकड़न, 104 डिग्री


फॉरेनहाइट से ज्यादा बॉडी टेम्परेचर, मिचली उलटी आना, धड़कन बढ़ना, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को मेडिकल इमरजेंसी माना जाना चाहिए। छोटे बच्चों में खाना खाने से अरुचि, बेहद चिड़चिड़ापन, पेशाब में कमी, आलस, सुस्ती और आंखों में आंसू सूखने को खतरनाक लक्षण करार दिया गया है। कहा गया है कि अगर लू लगने के गंभीर लक्षण दिखें तो 108/102 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।



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