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पीएम मोदी ने देश को दी INS Vikrant की सौगात, बताया- भारत के बुलंद हौसलों की हुंकार (Live Updates)
नई दिल्ली। देश को मिली स्वदेश निर्मित पहले विमान वाहक पोत INS विक्रांत की सौगात, बिहार के पूर्व मंत्री कार्तिक कुमार की सुरक्षा हटाई गई, द्वारका में अरविंद केजरीवाल समेत इन खबरों पर शुक्रवार, 2 सितंबर को रहेगी सबकी नजर... पल पल की जानकारी...
-INS विक्रांत के हर भाग की अपनी एक खूबी है, एक ताकत है, अपनी एक विकासयात्रा भी है। ये स्वदेशी सामर्थ्य, स्वदेशी संसाधन और स्वदेशी कौशल का प्रतीक है। इसके एयरबेस में जो स्टील लगी है, वो स्टील भी स्वदेशी है।
-आज विक्रांत को देखकर समंदर की ये लहरें, आह्वान कर रही हैं, अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो प्रशस्त पुण्य पंथ हैं, बढ़े चलो-बढ़े चलो...
-आज भारत विश्व के उन देशों में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी तकनीक से इतने विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण करता है। आज आईएनएस विक्रांत ने देश को एक नए विश्वास से भर दिया है, देश में एक नया भरोसा पैदा कर दिया है।
-यदि लक्ष्य दुरन्त हैं, यात्राएं दिगंत हैं, समंदर और चुनौतियां अनंत हैं- तो भारत का उत्तर है विक्रांत। आजादी के अमृत महोत्सव का अतुलनीय अमृत है विक्रांत। आत्मनिर्भर होते भारत का अद्वितीय प्रतिबिंब है विक्रांत।
-विक्रांत विशाल है, विराट है, विहंगम है। विक्रांत विशिष्ट है, विक्रांत विशेष भी है। विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है। ये 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
-आज केरल के समुद्री तट पर हर भारतवासी, एक नए भविष्य के सूर्योदय का साक्षी बन रहा है। आईएनएस विक्रांत पर हो रहा ये आयोजन विश्व क्षितिज पर भारत के बुलंद होते हौसलों की हुंकार है।
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-मोदी ने 2 सितंबर को 'रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए एक ऐतिहासिक दिन' बताया है क्योंकि देश में डिजाइन और निर्मित किए गए पहले विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को सेवा में शामिल किया जाएगा।LIVE NOW
— PIB India (@PIB_India) September 2, 2022
Prime Minister @narendramodi takes part in commissioning ceremony of #INSVikrant in Kochi, Kerala
The IAC is named after her illustrious predecessor, Indias first aircraft carrier which had played a vital role in the 1971 war https://t.co/Z88QHq8bri
-विक्रांत का अर्थ है विजयी और वीर, प्रतिष्ठित। इसकी नींव यानी इसे बनाने की प्रक्रिया अप्रैल 2005 में पारम्परिक स्टील कटिंग के साथ मजबूती से रखी गई थी।
-62 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा विक्रांत लगभग 43000 टन की भारवाहक क्षमता वाला है, जो एक बार 7500 समुद्री मील की दूरी तय करने में सक्षम है। इसकी अधिकतम गति 28 समुद्री मील प्रति घंटा है।
-जहाज में लगभग 2200 कंपार्टमेंट हैं और इसमें 1600 नौसैनिकों को तैनात किया जा सकता है, जिसमें महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए विशेष केबिन शामिल हैं।
-बिहार के पूर्व मंत्री कार्तिक कुमार की सुरक्षा हटाई गई।
-द्वारका में अरविंद केजरीवाल की जनसभा आज।
