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भारत और यूरोपीय संघ आए और करीब, FTA को लेकर 13वें दौर की वार्ता शुरू
India-European Union talks : भारत और यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सोमवार को अगले दौर की वार्ता शुरू की। एफटीए के इस साल के अंत तक पूरा करने की समयसीमा को देखते हुए 13वें दौर की वार्ता काफी अहम मानी जा रही है। बातचीत का 12वां दौर ब्रसेल्स में हुआ था। इस दौर की वार्ता पूरी होने के बाद यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मैरोस सेफ्कोविच 12 सितंबर को भारत आएंगे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत में प्रगति की समीक्षा करेंगे। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत एवं यूरोपीय संघ का द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा था। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था।
भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ ने जून, 2022 में व्यापक एफटीए, निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेतक (जीआई) पर बातचीत आठ साल के अंतराल के बाद दोबारा शुरू की थी। एफटीए पर वार्ता 2013 में बाजार खोलने के स्तर पर मतभेदों के कारण रुक गई थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेएन ने इस साल 28 फरवरी को इस बात पर सहमति जताई थी कि वर्ष 2025 के अंत तक व्यापार समझौता पूरा कर लिया जाएगा। यूरोपीय संघ वाहन और चिकित्सा उपकरणों पर शुल्क में कटौती के साथ शराब, वाइन, मांस एवं पॉल्ट्री उत्पादों पर कर में कटौती और मजबूत बौद्धिक संपदा प्रणाली की मांग कर रहा है। वहीं एफटीए होने से भारत के रेडिमेड कपड़े, दवा, इस्पात, पेट्रोलियम उत्पाद और बिजली उपकरण अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत एवं यूरोपीय संघ का द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा था। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर था। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। भारत के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत है जबकि यूरोपीय संघ के कुल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी नौ प्रतिशत है। (इनपुट एजेंसी)
Edited By : Chetan Gour
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