ramcharitmanas
✕

कोरोना काल की कहानियां : प्रकृति प्रेम और अनुशासन ने बचाया महामारी से

Updated: गुरुवार, 15 अप्रैल 2021 (19:57 IST)
मेरी सखी रेणु ने वीडियो भेजे है...जो ‘बर्ड हाऊस’मैंने उसे दिए थे उनमें पक्षियों का बसेरा शुरू हुआ था। एक जोड़ा बुलबुल का भी है। वो बहुत खुश है और मैं भी। कोरोना से जीत कर न केवल खुद बल्कि पति और बेटे को भी उसके कहर से बखूबी उबार के लाई। तो इस बार का जन्मदिन खासमखास था। उसकी बेटी की हिम्मत ने उन्हें हौसला दिया तो उनकी समझदारी, धैर्य और अनुशासन ने कोरोना को परस्त किया। यहां बात कर रही हूँ ‘प्रोफेसर रेणु मेहता सोनी’की जिन्होंने अपने प्रकृति प्रेम और अनुशासन  से कोरोना को परास्त किया है...
 
बिरले ही होते हैं वे जो इतनी सादगी और सौम्यता से ख़ूबसूरती को हमेशा के लिए अपना गुलाम बना लेते हैं। उनके कर्म उनके सौन्दर्य का आईना होते हैं।बस ऐसी ही है रेणु। 
 
वह बताती है जब घर में हम कोरोना पॉजिटिव आए तो बेटी ने सम्हाला। बच्चे छोटे ही हैं, पर समझदार हैं। पति बाहर पदस्थ होने से चिंताएं दुगुनी होना स्वाभाविक थीं। पर वहां आश्चर्यजनक सहयोग मिला। मौका मिलते ही वे घर आ गए। इसी बीच उनके घर के अहाते में पांच नन्हें पिल्ले आ गए। उनकी मां न जाने कहां गायब हो गई, पता ही न चला। उन्हें भी ख़ुशी से उन्होंने पनाह दी।लॉकडाउन में कैसे हालात हो रखें हैं सभी जानते हैं।
 
पति, बेटे के साथ बेटी और उन पिल्लों के लिए अपनी ममता को बांटती रेणु कई सारे विद्यार्थियों की आदर्श और भविष्य निर्मात्री भी हैं। रेणु का मानना है कि इस कठिन समय में उनका सहारा बना उनका प्रकृति प्रेमी होना।हर तरह के पेड़-पौधों को आप उसके घर में पाएंगे, जिसे बड़े जतन से वो संभालती है। परिवार के पसंद के नामकरण के साथ वो पिल्ले भी समय समय पर अपना मेडिकल ले रहे हैं। उनके नखरे भी पूरे लुत्फ़ के साथ उठा रही है। इसी बीच ठिकाना तलाशती एक और मादा कुत्ता घर आ गई जिसका नाम दुलारी है। ये सब उनके इस संकट के साथी और हमदर्द बने।
 
ये तो हम सभी जानते हैं कि आप जितने प्रकृति के करीब होते हैं,प्रकृति आपको मां बन कर आंचल भर-भर प्यार लुटाती है। पर्यावरण के हितैषी होना मतलब खुद के लिए शुभचिंतक होना। पशु-पक्षी और पेड़-पौधे भी उन्हीं के घरों में पनपते और आश्रय लेते हैं जिनके हृदय नि:स्वार्थ  प्रेम और निश्छल सेवा भावना से भरे होते हैं। क्रूर कोविड से बचना कठिन नहीं तो आसान भी नहीं है। मजबूत इम्युनिटी के साथ समय पर उपलब्ध चिकित्सा, सावधानियों से इंकार नहीं किया जा सकता। पर इन सबके बावजूद आपका जीवन के प्रति लगाव, अनुशासन, और इन मूक ब्रह्माण्ड वासियों की दुआएं भी तो असर करतीं हैं।
 
बुलबुल और गोरैय्या के उस जोड़े की चहचहाहट के मधुर गीतों से गूंजता रेणु का घर उसके  पर्यावरण प्रेम को संगीत से भर रहा है। जमीन और गमलों में लगे पेड़-पौधे अपनी फूलों-फलों से हरी-भरी और खुशबूदार रंगीन खुशियां घर में बिखेर रहे हैं। पिल्ले और दुलारी अहाते में अपना डेरा डाले घर की चौकीदारी कर रेणु के परिवार का आभार व्यक्त कर रहे हैं। रेणु और उसका परिवार इन सबमें मस्त है और मौत के मुंह से लौट आने का श्रेय इन्हें, सहयोगी और परिजन सभी को देते हैं। प्रकृति की सेवा और प्रेम में रेणु के पति, बच्चे भी रेणु के बराबर के हिस्सेदार हैं। ये प्रेमिल अनोखा संसार ही तो इन्हें नव जीवन की सौगात दे कर गया है और नवप्राणों का नए सिरे से मधुर संकल्प और प्रेम के प्रति विश्वास भी। और इन सबके बीच रेणु के इस जन्मदिन पर स्नेहवश सौंपे बर्ड हाउस में उन मासूम नन्हे पंछियों का बसेरा मुझे भी सार्थकता का सन्देश दे रहा है।
 
रेणु...तुम कोई सामान्य रेणु नहीं हो तुम भगवान श्रीकृष्ण के पावन-पुण्य ब्रज की वो मन मोहक 'बृजरेणु' हो जिसने दुनिया को प्रेम का पाठ पढ़ाया।तुम उसे आगे बढ़ा रही हो.. और हम सभी का सौभाग्य है जो तुम हमारे हिस्से भी आईं...सभी के लिए आदर्श के रूप में... जिस संकल्प और सकारात्मकता से तुमने कोरोना को हराया है वह सभी के लिए प्रेरक है...हमें भी प्रकृति से जीवन शक्ति ऐसे ही लेना है... कोरोना से बचने के लिए भी और अगर हो जाए तो उसे भगाने के लिए भी.इस प्राकृतिक आपदा से हमें हर तरह के उपचार के साथ प्रकृति से जुड कर ही निपटना है....
कोरोनावायरस कमजोर हो सकता है अगर आप ताकतवर हो...
लिंक के बहाने सकारात्मक लिंक की बात करें
कैसे जीता बीमारी की दहशत को....
 
लेखक के बारे में
डॉ. छाया मंगल मिश्र
सामाजिक विचारक, प्रोफेसर और संवेदनशील लेखिका.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

अगला लेख