1 साल से छोटे बच्चों को गर्मी में न खिलाएं ये 5 फूड्स, सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
जानिए 6 से 12 महीने के बच्चों को गर्मी में कौन-सा भोजन देना चाहिए
food to avoid for babies
6 महीने तक शिशुओं को मां के दूध के अलावा कुछ नहीं खिलाना चाहिए, यह बात तो हम सभी जानते हैं। लेकिन 6 महीने की उम्र से बच्चे को लिक्विड और सेमी सॉलिड फूड देने की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन 1 साल से छोटे बच्चों की किडनी, लिवर और कई अंग सही तरह से डेवलप नहीं होते हैं। ऐसे में 12 महीने से कम उम्र के बच्चों की गर्मियों की डाइट में बहुत सारी चीजें शामिल करने से बचना चाहिए। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें 12 महीने तक के बच्चों को नहीं खिलाना चाहिए।ALSO READ: शिशु के लिए जरूरी है Tummy Time, जानें इसे कराने के 3 आसान तरीके
- एक साल से छोटे बच्चों को गाय या भैंस का दूध पचा पाना मुश्किल होता है। ऐसे में आइसक्रीम या मिठाइयाँ खाने से उन्हें एलर्जी ,पचाना से जुड़ी समस्याएं या पेट दर्द हो सकता है।
- चॉकलेट शिशुओं के लिए हानिकारक हो सकती है, इसके सेवन से उन्हें स्लीप डिस्टरबेंस की समस्या रहती है। पेट भरा हुआ महसूस होता है, इसलिए बच्चा खाना खाने से बचता है। इतने छोटे बच्चों को चॉकलेट खिलाने से उनके लिवर पर भी गलत प्रभाव पड़ता है।
- चिप्स और फ्राईज जैसी चीज़ों में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें शिशुओं को खिलाने से उनकी किडनी पर असर पड़ सकता है।
- 12 महीने से कम उम्र के बच्चों को खट्टे फल न खिलाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में उन्हें फ्रूटी पिलाने से पेट से जुड़ी समस्या या लिवर पर दबाव पड़ सकता है।
- शिशुओं को एक साल की उम्र तक भैंस का दूध पिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि भैंस के दूध में असंतुलित पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों में कब्ज या लिवर से जुड़ी समस्या का कारण बन सकते हैं।
- शिशुओं को ज्यादा मीठा या चीनी का खिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों को बड़ा होकर डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है और अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी हो सकती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- बच्चों को एक दिन में आधा कटोरी जूस से ज्यादा न पिलाएं।
- दिनभर में एक बादाम, 5 किशमिश, एक काजू और एक छुआरे रातभर भिगोए हुए ही खिलाएं।
- 2 चम्मच देशी घी में ही बच्चे के पूरी दिन का खाना बनाए।
- दस्त होने पर सिर्फ मूंग दाल खिचड़ी दही मिलाकर खिलाएं।
- रोटी के स्थान पर फल और सूप दें।

