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मकर राशि में सूर्य के प्रवेश पर करें मां लक्ष्मी का पूजन, घर में होगा खूब अमन-चमन

Updated: सोमवार, 14 जनवरी 2019 (16:38 IST)
काशी पंचांग के अनुसार भगवान भास्कर दिनांक 14 जनवरी 2019 दिन सोमवार को रात्रि 7 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। धर्मशास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद लगने वाली संक्रांति का पुण्यकाल दूसरे दिन मध्यान्ह काल तक रहता है।

अतः मकर संक्रांति दिनांक 15 जनवरी 2019 को सर्वत्र अपनी विविध परंपराओं के साथ मनाई जाएगी। इसी दिन भगवान भास्कर उत्तर पथगामी हो जाएंगे। 
 
पुण्यकाल मुहूर्त - दिनांक 15 जनवरी को प्रात: 07:14 से 12:36 तक
 
सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छह-छह माह के अन्तराल पर होती है। भारत देश उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है अर्थात् भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी कारण यहां पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है।

किन्तु मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अंधकार कम होगा। अत: मकर संक्रांति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है।

प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्यशक्ति में वृद्धि होगी। ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है।
इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है। 
 
माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥
 
 घर में धन लक्ष्मी के स्थाई निवास हेतु विशेष पूजन
 
पुराने समय में  हिन्दू राजा-महाराजा मकर संक्रांति के दिन सर्व सुख प्रदान करने वाली माता महालक्ष्मी जी का पूजन करते थे। इस वर्ष आप सभी मित्र अपने-अपने घरों में सपरिवार महालक्ष्मी पूजा करके मां को श्रीयंत्र के रूप में अपने घर में विराजमान करें।

यह पूजन समस्त ग्रहों की महादशा या अन्तर्दशा के लिए लाभप्रद होता है।
 
इस समय माता लक्ष्मी की पूजा करने से 'सहस्त्ररुपा सर्व व्यापी लक्ष्मीजी' सिद्ध होती हैं। 
 
पूजा को सिद्ध करने का समय :  दिनांक 14 जनवरी 2018 को रात्रि 11.30 बजे से सुबह 02.57 बजे के मध्य 
लेखक के बारे में
आचार्य राजेश कुमार
दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ.... और पढ़ें

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