विधानसभा में गूंजा लहसुन की कीमतों का मुद्दा, गेट पर लहसुन फेंककर कांग्रेस ने जताया विरोध

Author विकास सिंह| Last Updated: मंगलवार, 13 सितम्बर 2022 (16:15 IST)
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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्र के पहले दिन विधायक की बोरियां लेकर विधानसभा पहुंचे और विधानसभा के गेट पर लहसुन फेंक कर किसानों को मिल रही कम कीमत का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार से किसानों का लहसुन खरीदने की मांग की गई।

कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि प्रदेश में लहसुन किसानों की हालत बेहद खराब है। किसान लागत मूल्य तो दूर वह अपना ट्रांसपोर्ट का खर्च भी नहीं निकाल पा रहे हैं। जिससे मजबूर होकर किसान अपनी फसल खेत में नष्ट कर रहे है और नदियों में बहा रहे है।


सदन के पहले दिन आज कांग्रेस ने लहसुन किसानों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव, विधायक जीतू पटवारी, लाखन यादव, पीसी शर्मा व अन्य लहसुन की बोरियां लेकर पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा के गेट पर लहसुन फेंककर देर तक विरोध-प्रदर्शन किया। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि भाजपा के पास विधायकों को खरीदने के पैसे हैं। लेकिन लहसुन किसानों का उपज नहीं खरीद पा रही है। किसान परेशान हैं, लगातार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। लेकिन विधायकों को खरीदने वाली सरकार को किसानों की बिल्कुल भी परवाह नहीं है।

गौरतलब है कि प्रदेश में लहसुन उत्पाद किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। मंडियों में लहसुन और प्याज का रेट लागत मूल्य से काफी कम मिल रहा है। रतलाम, मंदसौर, नीमच,
इंदौर की मंडियों में थोक में लहसुन 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा रहा है। मंडी में लहसुन बेचने पर लागत मूल्य तो दूर वाहन के भाड़े के पैसे भी नहीं निकल पा रहे हैं।

वहीं मानसून सत्र के पहले दिन सदन में आज नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई दी गई। वहीं सदन में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को भी बधाई दी गई। वहीं पहले दिन की कार्रवाई दिवंगत नेताओं को श्रदांजलि देने के बाद स्थगित कर दी गई। आज से शुरु हुआ विधानसभा का मानसून सत्र 17 सितंबर तक चलेगा। जिसमें कुल पांच बैठकें होंगी।



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