दतिया उपचुनाव में जीतू पटवारी ने लगाया गले तो आशुतोष तिवारी ने मंच से ही मांग लिए बीजेपी के लिए वोट
मध्य प्रदेश की हाईप्रोफाइल दतिया विधानसभा उपचुनाव के रण में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच लोकतंत्र की एक बेहद खूबसूरत और दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। विधानसभा के चिरूला गांव में चुनावी जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का न सिर्फ आमना-सामना हुआ, बल्कि दोनों नेताओं ने बेहद गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले भी लगाया। इस दौरान मंच से हुई हंसी-ठिठोली और अनोखे सियासी संवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?- दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी चिरूला गांव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान वहां से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का काफिला भी चुनाव प्रचार करते हुए गुजर रहा था। आशुतोष तिवारी को दूर से ही अभिवादन कर निकलते देख जीतू पटवारी ने मंच के माइक से ही उन्हें आवाज लगा दी। जीतू पटवारी ने आशुतोष तिवारी को आवाज लगाते हुए कहा कि अरे पास में आकर मिलो ना, दूर से क्यों जा रहे हो यार? ऐसे नहीं चलेगा। आशुतोष भैया, अगर इतनी दूर से जाओगे तो कैसे चलेगा>
पटवारी के बुलाने पर बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी मुस्कुराते हुए सीधे कांग्रेस के मंच के पास पहुंच गए। जीतू पटवारी ने बड़े भाई की तरह गर्मजोशी से उन्हें गले लगाया। इसके बाद आशुतोष तिवारी ने सीधे जीतू पटवारी के हाथ से माइक ले लिया और कांग्रेस की ही सभा में मौजूद जनता को संबोधित कर दिया।
आशुतोष तिवारी ने मंच से कहा हमारी विचारधारा भले ही अलग-अलग है, लेकिन हमारे परिवार के रिश्ते बहुत पुराने हैं और मित्र के नाते हैं। आप सबसे मैं भी प्रार्थना करता हूँ कि आपका आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को मिले। मैं हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर आपके आशीर्वाद की अपेक्षा करता हूँ। कांग्रेस के मंच से बीजेपी प्रत्याशी द्वारा वोट मांगने की इस हिम्मत को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
जैसे ही आशुतोष तिवारी ने अपनी बात खत्म की, जीतू पटवारी ने दोबारा माइक संभाला और जनता के मजे लेते हुए तंज कसा। पटवारी ने हंसते हुए कहा मैंने अभी यहां जनता से पूछा था कि चुनाव लड़ने से पहले आशुतोष भैया को कभी यहां देखा है? इस पर एक भी हाथ नहीं उठा, इन्हें यहां कोई नहीं जानता। इस पर आशुतोष ने पलटकर मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह मेरा घर है और फिर वे वहां से आगे बढ़ गए।

