आपके सपनों का राजकुमार
मि. राइट या मि. रॉन्ग
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कोई माचोमैन स्टाइल पर दिल हार बैठती है तो किसी की निगाहों में मिस्टर परफेक्शनिस्ट बस जाते हैं। आइए, जानते हैं इनमें से कुछ प्रमुख श्रेणियों के पुरुषों और उनके मनोविज्ञान को।
सपने देखने वाले
ये महाशय पूरी तरह सपनों की दुनिया में जीने वाले एक आम आदमी हैं। इन्हें खुशियों से भरी जिंदगी से लेकर पत्नी, घर, बच्चे और नौकरी, सबकुछ एकदम परफेक्ट चाहिए... बस दिक्कत यह है कि ऐसा सब ये सपनों में सोचते हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की मशक्कत नहीं कर पाते।
जीवन के उतार-चढ़ाव में से हमेशा सिर्फ चढ़ावों की कल्पना में खोए रहना इनके लिए नुकसानदायक हो जाता है। यूँ आमतौर पर ये बेहद शांत, विनम्र तथा स्थिरचित्त वाले होते हैं। इसलिए जिम्मेदार पति और पिता भी साबित होते हैं। यही नहीं, अपने साथ-साथ ये दूसरों के सपनों की भी कद्र करते हैं। खतरा बस यही है कि आपके साथ होते हुए इन्हें कैटरीना कैफ सपनों में दिखाई दे रही हों... अब भई सपने तो सपने हैं।
अगर आप खतरों भरी जिंदगी को एन्ज्वॉय करती हैं, बेहद आत्मविश्वासी हैं तथा खुले विचारों वाली हैं तो इनसे दूर रहिए, क्योंकि ये तो सिर्फ सपनों में ही इन सब चीजों को पसंद कर सकते हैं।
पप्पा जैसा प्यारा
जी हाँ, कुछ युवतियाँ अपने जीवनसाथी के रूप में इसी तरह का बंदा पसंद करती हैं, जो पापा की तरह उन्हें जिंदगीभर 'पैंपर' करता रहे। उन्हें लाड़ करे, उनकी हिफाज़त काँच के बर्तन की तरह करे, उन्हें बच्चों जैसा ट्रीट करे और बेहद समझदारी से भरकर काम करे।
इस तरह के पुरुष आपको यह भी बताएँगे कि समोसे में कौन-सी चटनी डालकर खाना चाहिए और सामान खरीदने के बाद खुद सारा वजन लादकर चलेंगे, क्योंकि आप तो बच्ची हैं ना! और हाँ, ये आपको आपका ही पैसा खर्च करते भी नहीं देख सकते, क्योंकि आखिरकार तो पैसा खर्च करना इनकी जिम्मेदारी है... आपके पप्पा जैसे जो ठहरे! आप बहुत ज्यादा अपने मन की कर पाएँगी इसमें भी शक है।
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हमको पसंद जगमगाती रातें
ये हैं श्रीमान पार्टी एनिमल। थिरकती शामें और जगमगाती रातें इनको भाती हैं। जिंदगी को पूरी मस्ती के साथ जीने में ये विश्वास करते हैं। इन्हें अपने बैंक बैलेंस की भी बहुत ज्यादा चिंता नहीं सताती। बातचीत करने में माहिर, आकर्षक पर्सनेलिटी से सजे ये महाशय सुंदर और आकर्षक लोगों से घिरे रहना भी पसंद करते हैं।
यूँ रिश्तों में ये बेईमान तो नहीं हो सकते लेकिन समय आने पर अपनी बीवी को सजावट की वस्तु की तरह ट्रीट करने से भी नहीं चूकते। जिम्मेदारी, भावुकता या मन के प्रेम जैसी चीजों से ये दूर ही रहते हैं। लेकिन 35 साल का आँकड़ा पार करने के बाद शायद ये अपनी जिंदगी को लेकर सोच-विचार में पड़ सकते हैं। अब, जाहिर है... पार्टी का खुमार आखिर कितने दिनों दाल-रोटी, सच्चे प्रेम और घर-गृहस्थी पर हावी रह सकता है।
अगर आप खुद के लिए सिद्धांत बनाकर चलती हैं, समय और धन को लेकर आपके कुछ नियम हैं और आप शर्मीली, कम बोलने वाली युवती हैं तो इन जनाब से दूरी बनाए रखें।
क्रमश:
