तीसरे चरण में 50 प्रतिशत मतदान

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
के तीसरे चरण का बिहार और पश्चिम बंगाल में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर गुरुवार को शांतिपूर्वक रहा। नौ राज्यों और दो संघशासित क्षेत्रों की 107 सीटों के लिए तकरीबन 50 प्रतिशत मत पड़े।


चुनाव के पहले चरण के मतदान से लेकर अब तक मत प्रतिशत में लगातार गिरावट आई है। पहले चरण में तकरीबन 60 प्रतिशत, दूसरे चरण में 55 और तीसरे चरण में 50 फीसदी मतदान हुआ है।

उपचुनाव आयुक्त आर. बालाकृष्णन ने यहाँ बताया कि सबसे अधिक तकरीबन 65 प्रतिशत मतदान सिक्किम में हुआ। वहाँ विधानसभा के लिए भी मतदान हुआ, जबकि सबसे कम लगभग 25 प्रतिशत मतदान जम्मू-कश्मीर में दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में पैंतालीस-पैंतालीस प्रतिशत, कर्नाटक में 57 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 43 से 45 प्रतिशत, गुजरात में 49 से 50 प्रतिशत, दमन दीव में 60 प्रतिशत, दादर नगर हवेली में 60 प्रतिशत, बिहार में 48 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 64 प्रतिशत वोट पड़े।

पश्चिम बंगाल में पिछले आठ लोकसभा चुनावों के मुकाबले इस बार वोट प्रतिशत सबसे कम रहा। बालाकृष्णन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 2004 और 1999 के मुकाबले वोट प्रतिशत काफी अधिक रहा। 2004 में जम्मू-कश्मीर में 15.04 प्रतिशत और 1999 में 14.32 प्रतिशत ही वोट पड़े थे।
मतदान का प्रतिशत कम होने के बारे में उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज मतदान हुआ है, वहाँ पिछले चुनाव के मुकाबले वोट प्रतिशत में बहुत ज्यादा फर्क नहीं आया है।

आज के मतदान के साथ ही लोकसभा की 543 में से 372 सीटों के लिए मतदान हो गया, जबकि शेष दो चरणों में 171 अन्य सीटों के लिए मतदान होना बाकी है। इस प्रकार तीन चरणों में लोकसभा की लगभग 70 फीसदी सीटों के नतीजे ही यह तय करने के लिए काफी हैं कि अगली सरकार किसकी होगी।
तीसरे दौर के मतदान में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंतसिंह, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और जदयू के अध्यक्ष शरद यादव सहित 1567 उम्मीदवारों के बारे में तय हो गया कि वे 15वीं लोकसभा में जगह बना पाएँगे या नहीं।

इनके अलावा कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रिया दत्त, भाजपा नेता यशोधरा राजे और शाहनवाज हुसैन की भी किस्मत मतदाताओं ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में बंद कर दी।
इस चरण में 107 सीटों के लिए हुए मुकाबले में 101 महिला उम्मीदवार भी हैं। जिन सीटों के लिए मतदान हुआ, उनमें से 43 भाजपा के पास और 25 कांग्रेस के पास हैं। ये देखना दिलचस्प होगा कि ये पार्टियाँ इस बार इनमें से कितनी सीट बचा पाती हैं या बढ़ा पाती हैं।

तीसरे चरण में कुल 14.40 करोड़ मतदाताओं के लिए 1.65 लाख मतदान केन्द्र बनाए गए थे। इनमें 15193 मतदान केन्द्र नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में थे। तीसरे चरण में कुल 6.6 लाख मतदानकर्मियों की तैनाती की गई।
इस चरण में ऐसे 45843 लोगों पर कड़ी नजर रखी गई, जिनके चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने की आशंका थी।

मुंबई दक्षिण से पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा के पुत्र मिलिंद देवड़ा, ग्वालियर से यशोधरा राजे और गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया की किस्मत भी ईवीएम में बंद हो गई।

तीसरे दौर में सुपौल से पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन, फतेहपुर से पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के पुत्र अजेयसिंह और वहीं से पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पोते विभाकर शास्त्री कांग्रेस से, उन्नाव से बसपा के अरुण शंकर शुक्ला (अन्ना) भी उम्मीदवार हैं।
तीसरे चरण में चुनाव बहिष्कार की कई घटनाएँ हुईं। पश्चिम बंगाल में 93 और बिहार में 32 मतदान केन्द्रों पर चुनाव बहिष्कार हुआ, जिनमें से कई केन्द्र नक्सल प्रभावित इलाकों में हैं। बिहार में गड़बड़ी फैलाने के आरोप में 221 लोगों को हिरासत में लिया गया।

बालाकृष्णन ने बताया कि पश्चिम बंगाल में विस्फोट की एक घटना में सीमा सुरक्षा बल का एक जवान मामूली जख्मी हो गया। मध्यप्रदेश के मुरैना और भिंड इलाकों में आपसी संघर्ष की घटनाएँ हुईं। पहले चरण में 16 अप्रैल को 124 और दूसरे चरण में 23 अप्रैल को 141 सीटों का फैसला इलेक्ट्रानिक मशीनों में बंद हो गया है।
चौथे दौर में सात मई को 85 और पाँचवें तथा अंतिम दौर में 13 मई को 86 सीटों के लिए मतदान होना है।

तीसरे चरण के तहत 11 राज्यों और केन्द्रशासित क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ, जिनमें से सबसे अधिक गुजरात की 26 सीटों के लिए और जम्मू-कश्मीर, सिक्किम तथा केन्द्रशासित क्षेत्रों दादर नगर हवेली तथा दमन दीव की सबसे कम एक-एक सीट के लिए मतदान हुआ।
इसके अलावा बिहार और कर्नाटक की 11-11, मध्यप्रदेश की 16, गुजरात की 26, महाराष्ट्र की 10, उत्तरप्रदेश की 15 और पश्चिम बंगाल की 14 सीटों के लिए मतदान हुआ। इसी चरण में सिक्किम की 32 विधानसभा सीटों के लिए भी मतदान हुआ।

तीसरे चरण के तहत जिन राज्यों और केन्द्रशासित क्षेत्रों में केवल एक दौर के मतदान के साथ ही मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है, उनमें गुजरात और सिक्किम के अलावा दादर नगर हवेली और दमन दीव शामिल हैं। तीसरे चरण के साथ ही कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी लोकसभा चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है।



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