धनु लग्न की विशेषताएँ
धनु लग्न हेतु शुभाशुभ ग्रह
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दूसरों पर जरूरत से ज्यादा विश्वास करते हैं जो नुकसानदायक हो जाता है। परंपराओं के पालन में, संस्कारों में विश्वास रखते हैं।
शुभ ग्रह : सूर्य नवमेश व मंगल पंचमेश होकर प्रबल कारक होते हैं। सूर्य की प्रबल स्थिति इसे अथाह प्रसिद्धि दिलाती है। इनकी दशा-महादशाएँ फलकारक होती हैं।
अशुभ ग्रह : बुध, शुक्र, शनि व चंद्रमा अशुभ होते हैं। विशेषकर शुक्र की व चंद्रमा की महादशाएँ कठिन फल देती हैं। इन ग्रहों के शांति के उपाय करते रहें।
तटस्थ : बृहस्पति दो केंद्रों का स्वामी होकर तटस्थ हो जाता है।
इष्ट देव : विष्णु के रूप
रंग : पीला, नारंगी
अंक : 5, 9
वार : रविवार, मंगलवार
रत्न : मूँगा, माणिक
इस लग्न के व्यक्तियों को वृषभ व कर्क लग्न/राशि के व्यक्तियों से विवाह से बचना चाहिए। इस लग्न के व्यक्ति 32वें वर्ष बाद सफल हो पाते हैं।

