U-19 विश्व विजेता कप्तान उन्मुक्त चंद ने 28 की उम्र तक किया इंतजार, अब संन्यास लेकर खेलेंगे इस देश के लिए

Last Updated: शुक्रवार, 13 अगस्त 2021 (20:10 IST)
यह नाम साल 2012 में एक बड़ा नाम बन गया था। वजह यह थी कि उन्होंने के फाइनल में 111 रनों की कप्तानी पारी खेलकर टीम को जिताया था। इस पारी के बाद उनको टीम इंडिया का भविष्य माना जाने लगा था।

गौरतलब है कि इस ही साल पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में कोहली ने मैच जिताऊ पारी खेलकर खुद की विराट छवि बनाई थी। उन्मुक्त चंद को सभी पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ दूसरा कोहली की संज्ञा देने लग गए थे। लेकिन कहते हैं ना कि हर चमकती चीज सोना नहीं होती।

उन्मुक्त चंद मात्र 28 वर्ष के हैं लेकिन आज उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। या यह कह लीजिए कि उन्होंने मान लिया है कि इस दौर में अब उन्हें भारतीय टीम की ओर से शायद ही मौका मिले क्योंकि उनका अंतरराष्ट्रीय पदार्पण कभी हो ही नहीं पाया।यह जानकारी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर दी।
28 साल के इस खिलाड़ी ने अपनी कुछ यादगार वीडियो के साथ एक लंबा सा नोट भी लिखा।चंद ने नोट में लिखा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से चीजें हुई थीं, उससे मैं अंदर से शांत नहीं था। मैं फिर भी उम्मीद की किरण देखता हूं और यादगार स्मृतियों के साथ बीसीसीआई को अलविदा कहता हूं तथा दुनिया भर में बेहतर मौकों की तलाश करूंगा। ’’

पूर्व अंडर-19 कप्तान ने लिखा, ‘‘क्रिकेट दुनिया भर में खेला जाता है और भले ही मतलब बदल जाये लेकिन अंतिम लक्ष्य हमेशा वही रहता है - जो शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलना है। ’’
उन्होंने बीसीसीआई का भी आभार व्यक्त किया और अंडर-19 विश्व कप जीत को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा पल करार किया।
चंद ने लिखा, ‘‘बीसीसीआई को आभार जिसने मुझ जैसे क्रिकेटर को इतने सारे शिविरों, आयु ग्रुप और सीनियर बोर्ड टूर्नामेंट तथा इंडियन प्रीमियर लीग में खुद को अभिव्यक्त करने और अपना कौशल दिखाने का मंच प्रदान किया। ’’
उन्होंने लिखा, ‘‘भारत में मेरी क्रिकेट यात्रा में कुछ शानदार पल रहे जिसमें देश के लिये अंडर-19 विश्व कप जीतना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा क्षण था। ’’

चंद ने कहा, ‘‘कप्तान के तौर पर कप उठाना विशेष अहसास था जिससे दुनिया भर में इतने सारे भारतीयों के चेहरों पर मुस्कान आयी। मैं उस अहसास को कभी नहीं भूल सकता। साथ ही कई मौकों पर भारत ए की अगुआई करना, विभिन्न द्विपक्षीय और त्रिकोणीय श्रृंखलायें जीतना मेरी यादों में हमेशा के लिये दर्ज हो गया है। ’’
आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) 21 मैचों में कुल 300 रन बनाए और सिर्फ एक अर्धशतक लगाया। उनका सर्वाधिक स्कोर 58 का था। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियन्स के लिए भी खेला है।
सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक पूरी संभावना है कि चंद अपने अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के साथी समित पटेल की तरह अमेरिका में टी20 लीग में खेलेंगे।

वहां पर खेलने के लिये उन्हें संन्यास की घोषणा करनी पड़ती क्योंकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) अपने पंजीकृत खिलाड़ियों को विदेशी टी20 लीग में भाग लेने की अनुमति नहीं देता।

धोनी और कोहली संग किया था एड

अंडर-19 में उनके प्रदर्शन के बाद पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने अपने एक कॉलम में लिखा था कि चंद को भारतीय टीम में शामिल कर लेना चाहिए।
इसके बाद चंद को पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली के साथ एक बड़ा टीवी विज्ञापन करने का भी मौका मिला।

दिल्ली में जन्में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज चंद ने अपना विश्व कप संस्मरण लिखा था जो पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ को काफी पसंद आया था।

लेकिन उनकी जिंदगी में कुछ चीजें ऐसी भी हुई जो पूर्व क्रिकेटरों को अच्छी नहीं लगी।एक बार वह भारत ए के शिविर से ब्रेक लेकर एक निजी चैनल पर ‘टॉक शो’ सेमीनार में हिस्सा लेने पहुंच गये। इस पर पूर्व विश्व कप विजेता भारतीय कप्तान कपिल देव ने मंच पर उनकी आलोचना की थी।
कपिल देव के साथी और पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल उन्हें 2015 में जिम्बाब्वे भेजना चाहते थे लेकिन वह नहीं जा सके।
चंद दिल्ली के लिये खेले और फिर उत्तराखंड की भी कप्तानी की। उन्हें भारत ए और दिल्ली में भी मौका दिया गया था तब वह बाराखंबा स्थित मार्डन स्कूल के छात्र थे लेकिन वह रेलवे के खिलाफ 151 रन की यादगार पारी खेलने के बावजूद लंबी अवधि की क्रिकेट में जगह नहीं बना सके।
चंद ने 67 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 3379 रन बनाये जिसमें आठ शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं।



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