इंग्लैंड में दो स्पिनर खिलाने पर पूर्व चयनकर्ता भड़के कोहली और शास्त्री पर

Last Updated: गुरुवार, 24 जून 2021 (23:30 IST)
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में दो स्पिनरों के चयन के लिए कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अंतिम 11 को चुनने में चयनकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है।

सरनदीप सिंह ने गुरुवार को नए लॉन्च किए गए यूट्यूब चैनल ‘ स्पोर्ट्स स्टूडियो बाय महावीर रावत ’ से बातचीत के दौरान कहा कि चयनकर्ता हालांकि टूर्नामेंट की सीरीज के लिए टूरिंग टीम चुनते हैं, लेकिन अंतिम 11 की जिम्मेदारी हमेशा कप्तान पर होती है, क्योंकि कप्तान ही होता है जो ग्राउंड पर अंतिम टीम चुनता है। ” उन्होंने शार्दुल ठाकुर को शुरू में अंतिम 15 से बाहर रखने की भी आलोचना की है। उनके मुताबिक शार्दुल को न केवल अंतिम 15 में, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए प्लेइंग 11 में भी होना चाहिए था।
पूर्व चयनकर्ता ने कहा, “ शार्दुल ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन सहित जब भी मौका मिला बल्ले से उपयोगी साबित होकर खुद को साबित किया है। हार्दिक पांड्या के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उनकी फिटनेस एक मुद्दा रहा है, लेकिन शार्दुल इन हालात में एक बेहतरीन गेंदबाजी ऑलराउंडर होते। ”

उल्लेखनीय है कि सरनदीप वर्ष 2017 से 2020 तक भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता थे और उन चयनकर्ताओं के समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने टीम के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की यात्रा शुरू की थी। डब्ल्यूटीसी एक और ऐसा मौका है, जहां को टीम संयोजन गलत लगा।
भारतीय टीम के प्रदर्शन से भारतीय प्रशंसक हैरान और आहत हुए हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि पहला डब्ल्यूटीसी फाइनल न जीत पाने की एक वजह टीम कॉम्बिनेशन भी है। टीम ने पूरी तरह से खेल की परिस्थितियों को देखा और दो फ्रंटलाइन स्पिनरों को चुना, लेकिन दूसरी ओर पांचों तेज गेंदबाजों के साथ गया और अपनी टीम में एकमात्र फिट स्पिनर एजाज पटेल को ड्रॉप कर दिया।

गौरतलब है कि जड़ेजा चौथे दिन भी टीम इंडिया के काम ना आ सके जब धूप खिली हुई थी, मैच का चौथा दिन था और सामने रॉस टेलर थे जिन्हें वह अंदर आती हुई गेंद से कई बार परेशान कर चुके थे। बल्ले और गेंद से रविंद्र जड़ेजा ने पूरे टेस्ट में निराश किया।

वहीं आर अश्विन ने इस पूरे टेस्ट मैच में 4 विकेट निकाले, पहली और दूसरी पारी में उन्होंने सिर्फ बाएं हाथ के बल्लेबाजों के ही विकेट लिए। जैसे ही उनके सामने दांए हाथ के बल्लेबाज आए वह वैसा करिश्मा नहीं दिखा सके जैसा वह भारतीय पिचों पर दिखाते हैं।(वार्ता)



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