नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया तीसरा टेस्ट,1935 के बाद सबसे छोटा टेस्ट मैच बना

Last Updated: शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021 (17:18 IST)

अहमदाबाद: के में और के बीच का तीसरा टेस्ट मैच वर्ष 1935 के बाद का सबसे छोटा टेस्ट मैच साबित हुआ है।
भारत ने इंग्लैंड को तीसरे मुकाबले में मात्र दो दिन के अंदर हराकर इतिहास रच दिया। भारत ने यह मुकाबला गुरुवार को दूसरे दिन 10 विकेट से जीत कर चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 की बढ़त बना ली और आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का अपना दावा मजबूत कर दिया।

यह टेस्ट मैच कई मायनों में अन्य टेस्ट मैचों से अलग साबित हुआ है। यह टेस्ट मैच 1935 के बाद से सबसे छाेटा मैच रहने के साथ ही एशिया में अब तक होने वाले टेस्ट मैच के मुकाबले सबसे कम स्कोर 387 वाला टेस्ट मैच बन गया है। इससे पहले का सबसे कम स्कोर का टेस्ट मैच 2002 में शारजाह में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ था। इसमें दोनों टीमों के कुल 422 रन बने थे। अहमदाबाद का टेस्ट मैच पिछले 74 वर्षों का सबसे कम स्कोर का टेस्ट मैच साबित हुआ है।

इस मैच में इंग्लैंड ने दूसरी पारी में भारत के खिलाफ 81 रन बनाये और यह ऐसा दूसरा टेस्ट मैच है जिसमें किसी टीम ने भारत के खिलाफ किसी पारी में इतने कम रन बनाय हैं। इससे पहले 2015 में नागपुर में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ पहली पारी में कुल 79 रन बनाया था। इससे पहले इंग्लैंड का भारत के खिलाफ किसी पारी में सबसे कम स्कोर वाला टेस्ट मैच 1971 का मैच था जिसमें इसने कुल 101 रन ही बनाये थे।

इंग्लैंड ने दोनों पारियों में भारत के खिलाफ कुल 193 रन बनाये। भारत में अब तक होने वाले किसी टेस्ट मैच में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने दोनों परियों में कुल 200 से कम रन बनाये हैं। इंग्लेंड के लिए 1904 के बाद से यह दूसरा टेस्ट मैच है जब टीम ने किसी टेस्ट मैच में 193 से कम स्कोर बनाये हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने 1984 में क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली पारी में 93 और दूसरी पारी में 82 रन बनाये थे।

टेस्ट इतिहास में यह 22वीं बार है जब कोई टेस्ट मैच दो दिन के अंदर ही समाप्त हो गया। भारत में ऐसा दूसरी बार हुआ। इससे पहले 2018 में भारत ने अफगानिस्तान को बेंगलुरू में दो दिन में हरा दिया था।
इन दो दिनों में दोनों टीमें 140.2 ओवर या 842 गेंदे ही खेल पाई।(वार्ता)



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