भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने यूनिसेफ को 70वीं सालगिरह पर दी शुभकामनाएं

पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019 (19:52 IST)
नई दिल्ली। और क्रिकेट लीजेंड ने भारत में यूनीसेफ की 70वीं सालगिरह पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं। (1949-1970) ने देश के बच्चों की सेवा की 70वीं सालगिरह मनाई। भारत में हर बच्चे को उसका अधिकार दिलाने के मकसद से यूनीसेफ ने भारत सरकार से निरंतर साझेदारी निभाई है।

यूनिसेफ के ब्रांड एम्बेसेडर सचिन ने अपने बधाई सन्देश में कहा, यूनिसेफ को 70वें जन्मदिन की शुभकामनाएं। बीते दशकों में लगातार बच्चों के अधिकार और उनके विकास के लिए आपके कार्य भारत और पूरी दुनिया में प्रेरणादायी हैं। इस मिशन का हिस्सा बनना मेरे लिए ख़ुशी की बात है।

भविष्य के लिए शुभकामनाएं। यूनिसेफ इंडिया ने इस अवसर पर राजधानी स्थित मुख्यालय में एक खुले आयोजन में 500 स्कूली बच्चों और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में भागीदारी करते हुए समारोह का नेतृत्व किया। पूरे देश के अपने भागीदारों के साथ यूनिसेफ ने अपने कार्य प्रदर्शित किए। बाल अधिकार के विशेष अभियान ‘नाइन इन माइन’ के बच्चों ने बाल अधिकार समझौते पर केंद्रित एक मौलिक रैप
संगीत पेश किया।

ग्रैमी अवार्ड विजेता भारतीय कम्पोजर और म्युजिक प्रोड्यूसर रिकी केज ने इस सालगिरह पर एक खास म्यूजिक वीडियो लांच किया। केज ने ‘वेक अप फार एवरी चाइल्ड’ गाने का बोल तैयार किया है। रिकी ने क्राउड-सोर्सिंग के माध्यम से यह गाना तैयार किया है जिसमें पूरे देश के 40 से अधिक चाइल्ड एडवोकेट शामिल थे।

भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ यास्मीन अली हक ने अतिथियों का स्वागत् करते हुए कहा, यहां मौजूद बच्चे हमें हमारे साझा मिशन की याद दिलाते हैं जो यह सुनिश्चत करना है कि भारत की हर बच्ची और हर बच्चे को जीने का अधिकार मिले, वे अच्छी तरह पले-बढ़ें और देश के जिम्मेदार नागरिक बनें।

यूनिसेफ ने 10 मई 1949 को भारत में केवल 3 लोगों के स्टाफ के साथ काम शुरू किया। आज यूनिसेफ का स्टाफ बच्चों को उनके अधिकार दिलाने के लिए अपने साझेदारों को तकनीक की सहायता देता है। संगठन नई दिल्ली से और 16 अन्य राज्यों में अपनी सेवाएं देता है। यूनिसेफ का कार्य दर्शन मानव अधिकार की सुरक्षा है। इसके केंद्र बिन्दु हैं अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए समानता, सब का विकास और सहायता सुनिश्चित करना।

2019 बाल अधिकार समझौते की 30वीं सालगिरह का वर्ष भी है। भारत सरकार ने इस समझौते पर 1992 में हस्ताक्षर किए थे। यह आयोजन पिछले 70 वर्षों में बच्चों के लिए उपलब्धियों और बच्चों के अधिकारों का समारोह है।

फोटो साभार ट्विटर




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