ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज को अंतिम विदाई

मैक्सविले| Last Updated: बुधवार, 3 दिसंबर 2014 (14:47 IST)
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मैक्सविले। हजारों की तादाद में क्रिकेटप्रेमियों ने बुधवार को फिलीप ह्यूज को नम आंखों से अंतिम विदाई दी और जब मर्मस्पर्शी श्रद्धांजलि पढ़े गए तो वहां मौजूद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क समेत तमाम लोग अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख पाए।
ह्यूज के अंतिम संस्कार का टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया जबकि उनके परिवार, दोस्तों और साथी खिलाड़ियों समेत हजारों लोगों ने इसमें शिरकत की। पिछले सप्ताह एक घरेलू मैच के दौरान बाउंसर लगने से ह्यूज की मौत हो गई थी।
 
यहां टेस्ट और वनडे श्रृंखला खेलने आई भारतीय टीम की ओर से कप्तान विराट कोहली, बल्लेबाज रोहित शर्मा और टीम निदेशक रवि शास्त्री इस मौके पर मौजूद थे।
 
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ह्यूज को ट्विटर पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मर्मस्पर्शी अंतिम विदाई। फिल ह्यूज, हम तुम्हें भूल नहीं सकेंगे। आपने अपने खेल और जोश से दुनियाभर में प्रशंसक बनाए। 
 
श्रद्धांजलि देने के बाद ह्यूज का जनाजा जब निकला तो एल्टन जॉन का ‘डोंट लेट द सन गो डाउन ऑन मी’ बज रहा था। ह्यूज के शहर मैक्सविले की सड़कों पर लोगों ने उसे आखिरी विदाई दी। जॉन ने पिछले गुरुवार को म्युनिख में अपनी एक कन्सर्ट में ह्यूज को श्रद्धांजलि दी थी।
 
जनाजे के पीछे खिलाड़ी और अन्य गमगीन लोग चल रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के पास से जब जनाजा निकला तो उन्होंने उसे गार्ड ऑफ आनर दिया। 
 
जनाजे को मैक्सविले हाई स्कूल के प्रार्थना कक्ष से ले जाया गया। उसे फिलीप के पिता ग्रेग, भाई जासन, माइकल क्लार्क, मिशेल लोनेरगन, मैथ्यू डे, आरोन फिंच और टाम कूपर ने कंधा दिया। कूपर उस समय ह्यूज के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे, जब उन्हें चोट लगी थी।
 
फादर माइकल एलकाक ने स्कूल में प्रार्थना की। ह्यूज के परिवार, दोस्तों और क्लार्क ने जब श्रद्धांजलि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
 
क्लार्क ने कहा कि मुझे आपके बारे में नहीं पता लेकिन मैं उसे ढूंढता रहता हूं। मुझे पता है कि आपको यह अजीब लगेगा लेकिन मुझे लगता है कि अभी उसका फोन आएगा या किसी कोने से उसका चेहरा नजर आएगा। क्या इसी को हम आत्मा कहते हैं? यदि ऐसा है तो उसकी आत्मा अभी भी मेरे साथ है और मैं उम्मीद करता हूं कि हमेशा रहे।
 
उन्होंने कहा कि मैं गुरुवार की रात एससीजी के बीचोबीच गया। घास की दूब मेरे पैरों के नीचे थी जिस पर मैंने और उसने और उसके कई साथियों ने साझेदारियां बनाईं, जोखिम उठाए और अपने सपनों को जिया।
 
क्लार्क ने कहा क‍ि वह हमेशा लोगों को जोड़ना चाहता था और खेल के लिए अपने प्यार का जश्न मनाना चाहता था। उसी जुड़ाव के चलते दुनियाभर के क्रिकेटरों ने अपने बल्ले रखकर उसे श्रद्धांजलि दी। जो लोग उसे जानते भी नहीं थे, उन्होंने भी फूल चढ़ाए और दुनिया में क्रिकेट खेलने वाले हर देश ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 
क्लार्क ने कहा कि ह्यूज की खेलभावना हमेशा रहेगी और खेल को बेहतर बनाएगी तथा उस खेल के रक्षक की भूमिका निभाएगी जिसे हम सभी प्यार करते हैं। हमें इससे सीखना होगा। उन्होंने आंसू पोछते हुए कहा कि ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दे मेरे भाई। 
 
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा क‍ि ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेलने वाले 408वें क्रिकेटर बनने तक का उसका सफर प्रेरक रहा। क्रिकेट का दिल दर्द में डूबा है लेकिन धड़कना बंद नहीं होगा। अगले हफ्ते एडीलेड में फिर खेल होगा और इसके अलावा फिलीप ह्यूज हमेशा 63 रन पर नाबाद रहेगा। फिलीप के भाई-बहन ने भी उसे भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
 
उसकी बहन मेगान ने कहा कि मुझे गर्व है कि तुम मेरे भाई, मेरे सबसे अच्छे दोस्त और मेरे हीरो थे। तुम्हारी मौजूदगी का अहसास उन लोगों को हमेशा होगा, जो तुमसे प्यार करते हैं। मैं इस बात को हमेशा याद रखूंगी कि तुम अपने करियर और जीवन में तरक्की करते हुए भी कभी नहीं बदले। 
 
उसके भाई जासन ने कहा कि मुझे तुमसे बेहतर छोटा भाई नहीं मिल सकता था। छोटी उम्र से ही यह लगने लगा था कि तुम हमारे रॉक स्टार बनोगे। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं तुम्हें अंतिम विदाई दे रहा हूं। हमारे बचपन की यादों को हमेशा सहेजकर रखूंगा। घर के अहाते में हमारे क्रिकेट मैच जिनमें तुम हमेशा जीतते थे और कई दिन तक बल्लेबाजी करते थे।
 
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट भी अंतिम संस्कार में मौजूद थे। उनके अलावा पूर्व खिलाड़ियों ग्लेन मैकग्रा, एडम गिलक्रिस्ट, ब्रेट ली और रोड मार्श ने भी प्रार्थना और शवयात्रा में हिस्सा लिया। (भाषा)
 
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