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पुनः संशोधित शनिवार, 24 अक्टूबर 2015 (13:22 IST)

मुंबई में भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद

मुंबई। श्रृंखला को 2-2 से बराबर करने के बाद राहत की सांस ले रहा भारत रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत की लय बकरार रखते हुए श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगा।
श्रृंखला के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। दक्षिण अफ्रीका ने दो बार बढ़त बनाई, लेकिन भारत दोनों ही बार बराबरी हासिल करने में सफल रहा और अब सभी की नजरें कल होने वाले निर्णायक मैच पर टिकी हैं।
 
भारत ने 22 अक्टूबर को चौथे एकदिवसीय मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 35 रन की आसान जीत दर्ज की थी और अब टीम कल इस लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी। भारत ने यहां वानखेड़े स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अब तक तीनों मुकाबले जीते हैं जिससे कागजों पर मेजबान टीम का पलड़ा भारी नजर आता है। भारत ने 1996 में दो बार जबकि नवंबर 2005 में भी दक्षिण अफ्रीका को इस मैदान पर हराया था।
 
दोनों टीमें अपने मुख्य खिलाड़ियों की चोटों की समस्या से जूझ रही हैं। भारत के शीर्ष ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन कानपुर में पहले वन-डे के बाद चोटिल हो गए थे लेकिन अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ने काफी हद तक उनकी कमी की भरपाई की है।
 
दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर जीन पाल डुमिनी को 18 अक्टूबर को राजकोट में तीसरे वन-डे के दौरान हाथ में चोट लगी थी जिसके कारण वे पिछले मैच में नहीं खेल पाए। राजकोट में ही 39 रन देकर चार विकेट चटकाते हुए दक्षिण अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल भी चेन्नई में नहीं खेल पाए और टीम को उनकी कमी काफी खली।
 
मोर्कल की जगह खेलने वाले क्रिस मॉरिस उतने प्रभावी नहीं दिखे। वे न तो मार्केल की तरह रन गति में विराम लगा पाए और न ही विकेट हासिल करने में उतने प्रभावी दिखे। मार्केल का अंतिम मैच में खेलना भी संदिग्ध है क्योंकि मेहमान टीम 5 नवंबर से मोहाली में शुरू हो रही टेस्ट श्रृंखला के लिए उन्हें पूरी तरह फिट देखना चाहती है।
 
विराट कोहली के फार्म में लौटने से भी भारत ने राहत की सांस ली है। राजकोट में तीसरे वन-डे में 77 रन की पारी खेलने के बाद कोहली ने चेन्नई में 140 गेंद में 138 रन बनाए थे। कोहली और शानदार फार्म में चल रहे रोहित शर्मा के अलावा भारत की बल्लेबाजी क्रम में अजिंक्य रहाणे की भूमिका भी अहम रहेगी। रोहित ने श्रृंखला में अब तक 239 जबकि कोहली ने उनसे एक रन कम बनाया है।
 
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (चार मैचों में 61 . 66 की औसत से 185 रन) भी अच्छी फार्म में हैं जबकि सुरेश रैना ने पहले तीन मैचों में सिर्फ दो रन बनाने के बाद चेन्नई में 53 रन की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की खराब फार्म हालांकि टीम इंडिया के लिए चिंता का सबब है।
 
दक्षिण अफ्रीका के भी दो शीर्ष बल्लेबाज हाशिम अमला और डेविड मिलर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। स्पिन के अच्छे खिलाड़ी माने जाने वाले अमला अब तक चार मैचों में सिर्फ 66 रन जोड़ पाए हैं जबकि चेन्नई में पारी की शुरुआत करने वाले मिलर के नाम पर सिर्फ 53 रन दर्ज हैं।
 
कप्तान एबी डि'विलियर्स हालांकि शानदार फार्म में हैं और उन्होंने चेन्नई में 300 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक जड़कर दक्षिण अफ्रीका को मैच में बनाए रखा था। डिविलियर्स ने भारत की स्पिन तिकड़ी का काफी अच्छी तरह सामना किया और वे उम्मीद करेंगे कि अन्य बल्लेबाज भी उनके नक्शेकदम पर चलेंगे।
 
भारत चेन्नई की तरह अंतिम वन-डे में भी तीनों स्पिनरों हरभजन (तीन मैच में पांच विकेट), अक्षर पटेल (तीन मैच में पांच विकेट) और अमित मिश्रा (तीन मैचों में चार विकेट) को उतार सकता है और ये तीनों बीच के ओवरों में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर कैसे लगाम कसते हैं, यह एक बार फिर महत्वपूर्ण होगा।
 
भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण हालांकि उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है। मोहित शर्मा ने तेज गेंदबाजों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन भुवनेश्वर कुमार काफी महंगे साबित हुए हैं। श्रीनाथ अरविंद के अंतिम दो मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया था और भारत अंतिम मैच में बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को मौका दे सकता है।
 
इमरान ताहिर की अगुआई वाला दक्षिण अफ्रीका का स्पिन गेंदबाजी आक्रमण हालांकि भारत की तरह प्रभावी नहीं रहा है और मेहमान टीम अंतिम मैच में बाएं हाथ के धीमे गेंदबाज डीन एल्गर को खिला सकती है जिन्हें डुमिनी के विकल्प के तौर देखा जा रहा है।
 
आरोन फांगिसो ने चेन्नई में पिछले मैच में बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से प्रभावित किया और उन्हें एक और मौका दिया जा सकता है, लेकिन डुमिनी की गैरमौजूदगी से टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है। मेहमान टीम अब सही संतुलन के साथ उतरकर भारत में पहली द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगी। दक्षिण अफ्रीका इससे पहले तीन बार (1991-92, 1999-2000 और 2009-10) भारत में श्रृंखला गंवा चुका है जबकि 2005-06 में श्रृंखला ड्रॉ रही थी।
 
टीमें इस प्रकार हैं- भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, सुरेश रैना, अक्षर पटेल, हरभजनसिंह, अमित मिश्रा, मोहित शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, एस अरविंद, स्टुअर्ट बिन्नी, अंबाती रायुडु और गुरकीरत मान में से। 
 
दक्षिण अफ्रीका: एबी डिविलियर्स (कप्तान), हाशिम अमला, क्विंटन डिकॉक, फाफ डु प्लेसिस, डीन एल्गर, डेविड मिलर, फरहान बेहरदीन, क्रिस मौरिस, खाया जोंडो, आरोन फांगिसो, इमरान ताहिर, डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल, काइल एबोट और कैगिसो रबादा में से। मैच दोपहर बाद एक बजकर 30 मिनट से शुरू होगा।   (भाषा)