डेथ ओवर में गेंदबाजी करना आसान लगता है : दीपक चाहर

पुनः संशोधित गुरुवार, 19 सितम्बर 2019 (15:28 IST)
मोहाली। ज्यादातर गेंदबाजों को डेथ ओवरों में बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल लगता है, लेकिन भारत के युवा तेज गेंदबाज टी-20 प्रारूप में इस चुनौती का लुत्फ उठाते हैं। भारत अगले साल होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले युवा खिलाड़ियों को मौके प्रदान कर रहा है और 27 साल के चाहर ने पिछले साल जुलाई में पदार्पण करने के बाद 3 मैच खेले और तीनों में प्रभावित किया। उन्होंने इसमें 6 विकेट चटकाए।
आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले चाहर ने दिखा दिया कि वे डेथ ओवरों में भी इतने ही प्रभावी हो सकते हैं। भारत ने बुधवार को यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में 7 विकेट से जीत हासिल की जिसमें चाहर ने अहम भूमिका निभाई।

चाहर ने कहा, मैं नहीं जानता कि मैं इसमें कैसे निपुण हुआ (मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करने में) लेकिन जब आप भारत के लिए खेल रहे हों तो आपको ऐसा करना ही होगा। यह चुनौतीपूर्ण है क्योंकि सिर्फ 2 ही क्षेत्ररक्षक सर्कल के बाहर होते हैं, लेकिन मैंने मन में यह सोचकर गेंदबाजी करना शुरू कर दिया कि जब सर्कल के बाहर 2 क्षेत्ररक्षक होंगे तो मुझे सिर्फ 3 ही ओवर गेंदबाजी करनी होगी।
ALSO READ:
दीपक चाहर के शानदार प्रदर्शन से भारत 'ए' ने श्रीलंका को पारी और 205 रनों से हराया
उन्होंने अपने 3 ओवर के शुरुआती स्पैल में रीजा हेंड्रिक्स का विकेट झटका और फिर 18वें ओवर में क्रीज पर डटे हुए टेम्बा बावुमा को धीमी गेंद पर आउट किया। चाहर ने कहा, पहले मैं डेथ ओवरों में काफी गेंदबाजी किया करता था और इसमें मुझे चीजें आसान लगती थीं क्योंकि पावरप्ले में आपके पास सर्कल के बाहर केवल 2 ही क्षेत्ररक्षक होते हैं और बाद में आपको 5 क्षेत्ररक्षक की मदद मिलती है। इससे आप में भी काफी वैरिएशन कर सकते हो।

उन्होंने कहा, मैं कैसी गेंदबाजी करूं, यह बल्लेबाज पर निर्भर करता है। डेथ ओवरों में बल्लेबाज यार्कर या धीमी गेंद की उम्मीद करता है लेकिन अगर आप बाउंसर या फिर 'नकल बॉल' भी डालो तो इससे वह हैरान हो सकता है। बल्लेबाज अंदाज लगाता रहे, आपको ऐसी गेंदबाजी करनी होती है।



और भी पढ़ें :