भारत बनाम न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट पांचवे दिन के अंतिम सत्र की आखिरी गेंद पर हुआ ड्रॉ

Last Updated: सोमवार, 29 नवंबर 2021 (17:16 IST)
टेस्ट क्रिकेट का एक बेहतरीन मैच की जनता को देखने को मिला। हालांकि वह अपनी टीम इंडिया को जीतते हुए नहीं देख पाई। अंतिम सत्र में 6 विकेट की तलाश में टीम इंडिया जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गई।

अंतिम सत्र में न्यूजीलैंड को जीतने के लिए 159 रन चाहिए थे और भारत को 6 विकेट। न्यूजीलैंड तो ड्रॉ के लिए खेल रहा था लेकिन भारत जीत के लिए खेलता हुआ नहीं दिख रहा था।

लेकिन अंतिम सत्र में रविंद्र जड़ेजा ने केन विलियमसन को आउट कर लगभग भारत की जीत पक्की कर दी थी। लेकिन मैच तब तक खत्म नहीं होता जब तक अंतिम विकेट ना निकल जाए। क्रीज पर आखिरी जोड़ी राचिन रविंद्र और एजाज पटेल ने लगभग 10 ओवर खेलकर टीम इंडिया को जीत से महरूम कर दिया।

न्यूजीलैंड के लिये अपना पहला टेस्ट खेल रहे रचिन रविंद्र और ऐजाज पटेल ने जबर्दस्त साहस और संयम का परिचय देते हुए अंतिम विकेट बचाकर भारत को तय लग रही जीत से वंचित कर दिया और पहला टेस्ट पांचवें और आखिरी दिन ड्रॉ पर छूटा ।

जीत के लिये 284 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड टीम ने नौ विकेट पर 165 रन बनाये। भारत ने पहली पारी में 345 रन बनाये थे जबकि दूसरी पारी सात विकेट पर 234 रन पर घोषित की थी। न्यूजीलैंड की टीम पहली पारी में 296 रन पर आउट हुई थी।

पांचवें और आखिरी दिन पहले सत्र में जहां कीवी बल्लेबाजों का दबदबा रहा तो दूसरे सत्र में भारत ने तीन विकेट लेकर वापसी की । रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा ने क्रमश: तीन और चार विकेट लेकर भारत की जीत लगभग तय कर ही दी थी लेकिन रविंद्र और ऐजाज ने अंगद की तरह क्रीज पर पांव धरकर मेजबान के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

न्यूजीलैंड का नौवा विकेट 155 के स्कोर पर 90वें ओवर में गिरा और उसके बाद भी आठ ओवर खेले जाने बाकी थे। भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने काफी आक्रामक फील्ड भी लगाई लेकिन रविंद्र (18) ने 91 गेंद और ऐजाज (दो) ने 23 गेंद खेलकर मैच को ड्रॉ की ओर धकेल दिया।

भारत को आखिरी सत्र में छह विकेट की जरूरत थी लेकिन एक अदद विकेट आखिर में नहीं मिल सका और जीत हाथ से फिसल गई। इस बीच हरभजन सिंह को पछाड़कर अश्विन टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिये सर्वाधिक विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।

पहले सत्र में विल समरविले और टॉम लैथम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई सफलता हाथ नहीं लगने दी लेकिन दूसरा सत्र भारतीय गेंदबाजों के नाम रहा जिन्होंने तीन विकेट चटकाये । उमेश यादव ने लंच के ठीक बाद समरविले को शॉर्ट गेंद पर आउट किया जिन्होंने 110 गेंद में 36 रन बनाये। शुभमन गिल ने लांग लेग सीमा पर उनका कैच लपका।

विलियमसन पहली पारी की तुलना में आत्मविश्वास से भरे दिखे जिन्होंने ईशांत शर्मा को चौका भी जड़ा ।ईशांत का फॉर्म फिर निराशाजनक रहा।रोस टेलर को चाय से पहले रविंद्र जडेजा ने आउट किया । टॉम लैथम (146 गेंद में 52 रन) ने एक और अर्धशतक बनाया जो अश्विन की गेंद पर आउट हुए ।

अश्विन का यह 80वें टेस्ट में 418वां विकेट था जिन्होंने हरभजन को पछाड़ा। हरभजन के 103 टेस्ट में 417 विकेट हैं।आखिरी सत्र में जडेजा ने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन (24) को पगबाधा आउट करके भारत की उम्मीदें बंधाई ।उन्होंने जैमीसन (पांच) और साउथी (चार) को भी पवेलियन भेजा ।

सुबह भारतीय गेंदबाजों को पिच से कोई मदद नहीं मिली। जडेजा की एक गेंद पर लैथम चकमा जरूर खा गए। आफ स्टम्प से बाहर जाती गेंद पर भारत ने डीआरएस लिया लेकिन रिव्यू से साफ था कि गेंद विकेट पर नहीं पड़ रही थी।

ईशांत शर्मा और उमेश यादव भी इस पिच पर टिम साउथी और काइल जैमीसन जैसी गेंदबाजी नहीं कर सके। ईशांत पहले स्पैल में बिल्कुल लय में नजर नहीं आये। उन्होंने और उमेश ने शॉर्ट गेंदें भी डाली लेकिन समरविले विचलित नहीं हुए। आम तौर पर दसवें नंबर पर उतरने वाले समरविले ने उमेश को तीन चौके भी जड़े जिससे उनका आत्मविश्वास बढा।पहली पारी में शतक से पांच रन से चूके लैथम ने स्पिनरों के खिलाफ रक्षात्मक खेल दिखाया लेकिन जडेजा को एक चौका भी जड़ा।



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