सचिन के जीवन की झलकियों की बुकलेट जारी

कोलकाता| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 6 नवंबर 2013 (17:26 IST)
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कोलकाता। को सलाम करते हुए (कैब) ने बुधवार को एक बुकलेट के रूप में पेश की जिसमें इस दिग्गज के जीवन के अहम लम्हों को फोटोग्राफ और के जरिए दर्शाया गया है।

तेंदुलकर के अपने 199वें टेस्ट के लिए यहां पर उतरने से पहले इस महान बल्लेबाज को यह बुकलेट भेंट की गई। इस बुकलेट के पहले पन्ने पर घुंघराले बाल वाले युवा तेंदुलकर का स्कैच है जिसे जाने-माने चित्रकार जोगेन चौधरी ने बनाया है।
तेंदुलकर की कुछ दुर्लभ तस्वीरों में तब की तस्वीरें भी शामिल हैं, जब वे युवा थे। उनकी अंजलि के साथ शादी के अलावा परिवार के सदस्यों के साथ बिताए निजी लम्हों की तस्वीरों को भी इस बुकलेट में जगह दी गई है।

अन्य तस्वीरों में उन्हें ड्रेसिंग रूम के अंदर सोए हुए और टीम के साथियों के साथ समय बिताने के अलावा रन बनाते हुए तथा बल्ले और गेंद से अभ्यास करते हुए हुए दिखाया गया है। एक तस्वीर में तेंदुलकर को एक अन्य दिग्गज बल्लेबाज वेस्टइंडीज के सर विवियन रिचर्ड्स के साथ शतरंज खेलते हुए दिखाया गया है।
कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने बुकलेट में लिखा है कि आज समय आ गया है कि हम इस महान खिलाड़ी को ईडन पर उसके अंतिम मैच में विदाई दें। हालांकि यह नाता तोड़ने जैसा नहीं है, क्योंकि मुझे यकीन है कि सचिन को कभी क्रिकेट से दूर नहीं रखा जा सकता।

पाकिस्तान के महान क्रिकेटर इमरान खान ने याद किया कि तेंदुलकर ने 1989 में जब उनकी टीम के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया तब 16 साल की उम्र में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा के संकेत दे दिए थे।
इमरान ने लिखा कि यह भारत के लिए भाग्यशाली रहा कि सचिन के जज्बे ने उन्हें बाकी लोगों से अलग किया। जब कोई अपने खेल को लेकर जुनूनी होता है तो कड़ी मेहनत में उसे लुत्फ आने लगता है और नेट पर बिताए कई घंटे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बन जाते हैं। तब यह नियमित और मशीनी जैसा नहीं लगता।

सर विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि तेंदुलकर खेल के सच्चे दूत हैं। उन्होंने लिखा कि सचिन तेंदुलकर ऐसे आधुनिक क्रिकेटर हैं जिन्हें खेलते हुए देखने के लिए मैं पैसे खर्च कर सकता हूं। उनकी प्रतिभा, उपलब्धि, उत्साह, विनम्रता और उदारता बेजोड़ हैं और इससे भी बढ़कर वे हमारे खेल के सच्चे दूत हैं। तेंदुलकर के खिलाफ कई मैच खेलने वाले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वा ने तेंदुलकर को 'अपने समय का ब्रैडमैन' करार दिया है।
वा ने लिखा कि जब वे पूरी तरह से लय में होते हैं तो क्षेत्ररक्षण जमाना कप्तान के लिए किसी बुरे सपने की तरह होता है। यह तूफान में फंसने की तरह है। दर्शकों के शोर के कारण क्षेत्ररक्षकों के साथ बात करना असंभव हो जाता है, गेंदबाज हताश हो जाते हैं और आप देख सकते हैं कि विरोधी टीम को परेशान करके तेंदुलकर स्वयं खुश हो रहे हैं। (भाषा)



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