Flipkart, Amazon को महंगा पड़ा नियमों का उल्लंघन, 15 दिन में जवाब देने को कहा

Last Updated: शनिवार, 17 अक्टूबर 2020 (14:19 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने ई-वाणिज्य कंपनियों के मंच से बिकने वाले सामानों पर उनके मूल उत्पत्ति वाले देश की जानकारी तथा अन्य जरूरी सूचनाएं नहीं दिए जाने को लेकर कदम उठाया है। इसको लेकर तथा को नोटिस जारी किया।
ये नोटिस उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जन वितरण मंत्रालय के तहत आने वाले उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी किए गए। इस बारे में फिलहाल दोनों कंपनियों से कोई टिप्पणी नहीं मिल पाई है। विभाग ने सभी ई-वाणिज्य कंपनियों से 'लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स', 2011 का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। दोनों कंपनियों से 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है।
कंपनियों को एक जैसे शब्दों वाले इस नोटिस में कहा गया है कि यह पाया गया कि कुछ ई-वाणिज्य कंपनियां अपने डिजिटल मंच से बिकने वाले उत्पादों पर जरूरी जानकारी नहीं दे रही हैं जबकि यह 'लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स', 2011 के तहत जरूरी है।
फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लि. और अमेजन डेवलपमेंट सेंटर इंडिया प्राइवेट लि. को भेजे गए नोटिस के अनुसार वे ई-वाणिज्य इकाइयां हैं और इसीलिए उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि ई-वाणिज्य सौदों के लिए उपयोग होने वाले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर सभी जरूरी जानकारी दी जाए। नोटिस के अनुसार दोनों कंपनियों ने जरूरी सूचना नहीं दी और कानून का उल्लंघन किया।

ई-वाणिज्य कंपनियों की वेबसाइट पर विज्ञापनों का जिक्र करते हुए नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापनों की जांच में पाया गया कि जो जरूरी घोषणाएं हैं, वे नहीं की जा रही हैं। नियम के तहत ई-वाणिज्य कंपनियों को अनिवार्य रूप से वस्तु की मूल उत्पत्ति वाले देश समेत अन्य जरूरी जानकारी देनी है। उन्हें इसके बारे में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर सूचना देनी है जिसके जरिए वे लेन-देन करते हैं। (भाषा)



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