क्‍या मास्‍क लगाने से बढ़ रहा है ‘ऑक्युलर इरिटेशन’ का खतरा?

Last Updated: शनिवार, 17 अक्टूबर 2020 (14:22 IST)
जब तक वैक्‍सीन नहीं आ जाता तब तक कोरोना से बचाव का एक ही तरीका है मास्‍क लगाना। लेकिन अब यही मास्‍क अब ए‍क नई परेशानी का सबब बनता जा रहा है।
दरअसल, कोरोना काल में लगातार मास्क के इस्तेमाल से आंखों की एक समस्या ऑक्युलर इरिटेशन का खतरा बढ़ रहा है।

यह लगातार मास्क पहनने की वजह से होता है। इससे आंखों की समस्या हो रही है, जिसे ऑक्युलर इरिटेशन कहा जाता है। आइए जानें मास्क के इस्तेमाल से होने वाली आंखों की इस समस्या के बारे में/

ऑक्युलर इरिटेशन के कारण
लगातार मास्क का इस्तेमाल हमारी जरूरत है, लेकिन ये आंखों की नमी चुरा लेता है। इसकी वजह से ऐसे रोगी जिनमें पहले से इसके कोई लक्षण नहीं थे, उनमें भी बदलाव दिखाई दे रहे हैं। खासकर कुछ पढ़ने या लंबे समय तक डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करने के दौरान इनमें इजाफा देखा जा रहा है। इसका मुख्य कारण हमारे आंसुओं में असंतुलन होने पर आंखों का खुश्‍क या ड्राई होना है। इसमें आंखों की सतह को कोट करने वाली तरल परत सूखने लगती है और आंखों की ड्राईनेस बढ़ जाती है जो आंखों की इस बीमारी का कारण बनती है।

मास्क पहनना ‘टियर फिल्म’ के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इसके दौरान मुंह और नाक से बाहर की ओर हवा का प्रसार कम हो जाता है। आंखों के लागातार ख़ुश्क रहने से उन्हें बार-बार छूने की आदत बढ़ सकती है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

ऑक्युलर इरिटेशन के लक्षण
आंखों में कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे आंखों में लगातार खुजली होना, आंखों से आंसुओं का निकलना कम होना, आंखों का लाल होना, आंखों में चुभन और असहनीय पीड़ा होना आदि।

अगर आप लगातार मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको जैसे ही आंखों में खुजली हो या आंखों की नमी कम होती हुई लगे और आंखें खुश्क हो जाएं तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर या नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।

डि‍जिटल कारण
कोरोना की वजह से सारी चीज़ें जैसे ऑफिस का काम और बच्चों की क्लासेज सब ऑनलाइन ही चल रहा है। जिससे हमारा काफी समय गैजेट्स के साथ गुजरता है और ये आंखों की समस्या को जन्म देता है। इसलिए डिजिटल उपकरणों पर काम करते हुए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें और जहां तक संभव हो सिर्फ काम के समय ही इनका इस्तेमाल करें।

आंखों को न रगड़े
यदि आपको आंखों में ड्राइनेस लगे और खुजली हो तो आंखों को बार -बार रगड़ने से बचें क्योंकि यदि आप अपने हाथों से आंखों को छूते हैं तो कोरोना का खतरा भी बढ़ जाता है।

यदि आप लगातार मास्क पहनकर एसी में बैठते हैं तो अपना एसी में बैठने का समय थोड़ा कम करें। आमतौर पर देखा गया है कि एसी शरीर के साथ आंखों की भी नमी चुरा लेता है, जिससे आंखों में ड्राइनेस होने लगती है और ये इरिटेशन का कारण बनती है।

मास्क हटा दें
आंखों की ये समस्या लगातार मास्क के इस्तेमाल से बढ़ रही है। इसलिए कोशिश करें कि सिर्फ सार्व‍जनिक स्‍थानों पर ही मास्क का इस्तेमाल करें। जब आप अकेले हों तब मास्क न लगाएं या बीच में मास्क हटा दें।
ऑक्युलर इरिटेशन से बचने के लिए बीच -बीच में आई ब्लिंकिंग एक्ससरसाइज़ करें। ऐसा करने से आंखों में नेचुरल टियर्स बनते हैं और यूए समस्या कम हो जाती है।



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