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Last Modified: नई दिल्ली , सोमवार, 16 फ़रवरी 2026 (20:28 IST)

शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे? Supreme Court की कड़ी चेतावनी, टिप्पणी से मचा हड़कंप

Supreme Court observation
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने शादी के झूठे वादे पर कथित दुष्कर्म के एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान शादी से पहले शारीरिक संबंधों को लेकर तीखी मौखिक टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ उस व्यक्ति की याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर आरोप है कि उसने पहले से शादीशुदा होने के बावजूद 30 वर्षीय महिला को शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसने किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया।

कोर्ट ने कहा पुराने ख्‍यालों के हो सकते हैं लेकिन

मीडिया खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सहमति से हुआ। हम पुराने ख्यालों वाले हो सकते हैं, लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी होते हैं। उन्हें शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उनके रिश्ते में चाहे जो भी अच्छा-बुरा हो, हम यह नहीं समझ पा रहे कि वे शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। शायद हम पुराने ख्यालों के हैं लेकिन आपको बहुत सावधान रहना चाहिए, शादी से पहले किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए।
 

क्या था पूरा मामला 

महिला ने आरोप लगाया कि उस आदमी ने उसे दुबई जाने के लिए मनाया, जहां उसने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए, उसकी सहमति के बिना इंटिमेट वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें सर्कुलेट करने की धमकी दी। बाद में उसे पता चला कि उसने जनवरी 2024 में पंजाब में दूसरी महिला से शादी कर ली थी। महिला के वकील ने कोर्ट में कहा कि दोनों 2022 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए मिले थे, और आरोपी ने कथित तौर पर शादी का झूठा भरोसा दिलाकर दिल्ली और बाद में दुबई में कई बार उसके साथ फिजिकल रिलेशनशिप बनाया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर वह शादी को लेकर इतनी सख्त थी तो उसे शादी से पहले ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम उन्हें मीडिएशन के लिए भेजेंगे। ये ऐसे मामले नहीं हैं जिनमें सहमति से रिश्ता होने पर मुकदमा चलाया जाए और दोषी ठहराया जाए। 

निचली अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका 

निचली अदालत और दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने कहा कि शादी का वादा शुरू से ही झूठा लग रहा था, खासकर इसलिए क्योंकि वह पहले से शादीशुदा था और जनवरी 2024 में उसने दोबारा शादी कर ली थी। आदमी ने अब बेल के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। Edited by : Sudhir Sharma
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