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Lal Kitab : फिटकरी के पानी का कुल्ला करके सोने से होगा ये चमत्कारिक लाभ

गुरुवार,जुलाई 29, 2021
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एक समय था जबकि आपके पास सब कुछ था और अब सब कुछ चला गया। मतलब अब आप दूसरे के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं और जिंदगी गरीबी और मजबूरी बनकर रह गई है तो जांचें कि कहीं आपकी कुंडली की इस स्थिति के कारण तो आपकी स्थिति ऐसी नहीं बनी? यदि यह स्थिति है तो ...
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लाल किताब अनुसार कुंडली में ग्रहों की कुछ ऐसी स्थितियां होती हैं जिसके चलते उन ग्रहों से संबंधित वस्तु या अन्य किसी चीज का दान करने से नुकसान हो सकता है। आओ जानते हैं कि भूलकर भी किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।
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लाल किताब के अनुसार शनि के प्रत्येक भावों में होने का प्रभाव और सावाधानियां बताई गई है। आओ जानते हैं कि शनि ग्रह के किस भाव में होने से कौनसा दान नहीं करना चाहिए या कोई कार्य नहीं करना चाहिए।
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दक्षिणमुखी मकान या दुकान दोनों अशुभ माने गए हैं। परंतु कुछ ऐसी परिस्थितियां भी होती हैं जबकि इसका बुरा प्रभाव नहीं होता है। यह भी हो सकता है कि दक्षिण दिशा के दोष किसी कारण से समाप्नत हो गए हों। यह निर्भर करता है मकान के वास्तु, मुहल्ले के वास्तु और ...
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कई बार मेहनत करने के बाद भी कोई फल नहीं मिलता है तो जीवन में निराशा छा जाती है। ऐसे में यह माना जाता है कि भाग्य साथ नहीं दे रहा है। यदि आपको भी ऐसा लगता है तो आप लाल किताब के अनुसार चांदी का छल्ला पहनें। परंतु कब और किस अंगुली में यह जरूर जान लें।
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लाल किताब सामुद्रिक शास्त्र पर आधारित ज्योतिषीय विज्ञान है। हस्तरेखा सामुद्रिक शास्त्र का एक हिस्सा है। हस्तरेखा के विशेषज्ञ बने बगैर आप लाल किताब के विशेषज्ञ नहीं बन सकते। लाल किताब का हस्तरेखा विज्ञान आम हस्तरेखा विज्ञान से थोड़ा भिन्न है। आओ ...
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कई बार ऐसा होता है कि बहुत मेहनत करने के बाद भी मनचाहा फल प्राप्त नहीं होता। हर बार किस्मत धोका दे जाती है। मतलब यह कि कर्म तो पूर्ण है लेकिन भाग्य ने साथ नहीं दिया। कई बार ऐसा भी होता है कि हम मेहनत करें और फल किसी और को मिल जाए। ऐसे में समझ जाएं ...
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कई लोग गले में चांदी की, सोने की, रुद्राक्ष की या स्फटिक की माला पहन लेते हैं जबकि इन मालाओं के नुकसान भी हो सकते हैं यह कम ही लोग जानते हैं। आखिर माला पहनने के क्या नुकसान हो सकते हैं। आओ जानते हैं पांच खास बातें।
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लाल किताब के अनुसार पहले, चौथे, सातवें और दसवें भाव में गुरु अर्थात बृहस्पति ग्रह के होने से जीवन तर जाता है और व्यक्ति हर तरह के सुख पाता है परंतु इसके लिए छोटीसी सावधानी रखने की जरूरत है। आओ जानते हैं कि क्या करना चाहिए।
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लाल किताब के अनुसार कुंडली में राहु की स्थिति अच्छी अर्थात नेक या खराब अर्थाद बद है तो उसका अलग असर होता है परंतु कई बार बाहरी कारणों से भी राहु खराब होकर अशुभ फल देने लगता है, फिर भले ही कुंडली में राहु की स्थिति अच्छी हो। आओ जानते हैं के बद होने ...
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प्रत्येक ग्रह का एक प्रतिनिधि पेड़, पौधा या वृक्ष होता है। जैसे गुरु का पेड़ पीपल है, सूर्य के तेजफल का वृक्ष, चंद्र का पोस्त का पौधा या दूध वाले वृक्ष, मंगल नेक के लिए नीम और मंगल बद के लिए ढाक, बुध के लिए केला या चौड़े पत्ते वाले वृक्ष, शुक्र के ...
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भारतीय वैदिक ज्योतिष और लाल किताब के सिद्धांतों, नियमों और फलादेश पढ़ने के तरीके में बहुत अंतर है। आओ जानते हैं कि लाल किताब के वे कौनसे तीन सिद्धांत है जिन पर आधारित सभी नियम हैं।
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भारतीय परंपरा में गन्ना और गुड़ का बहुत प्रचलन है। यह सेहत के साथ ही ज्योतिष उपाय में भी उपयोग किया जाता है। गुड़ और घी को मिलाकर उपले पर उसकी धूप देने से गृहकलाह और ग्रहदोष समाप्त हो जाते हैं। आओ जानते हैं कि लाल किताब में गुड़ खाने का क्यों बोला ...
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लाल किताब या ज्योतिष के अनुसार सोना किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं इसका उल्लेख मिलता है। हालांकि यहां पर सोना कुंडली की स्थिति जानकर ही पहनेंगे तो फायदे में रहेंगे अन्यथा नुकसान होगा और आप पछताएंगे भी।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनिदेवजी का जन्म हुआ था। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार शनि जयंती 10 जून 2021 गुरुवार को मनाई जाएगी। यह दान-पुण्य, श्राद्ध-तर्पण पिंडदान की अमावस्या भी है। इसी दिन सावित्री व्रत भी रखा जाएगा। आओ ...
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनिदेवजी का जन्म हुआ था। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार शनि जयंती 10 जून 2021 गुरुवार को मनाई जाएगी। यह दान-पुण्य, श्राद्ध-तर्पण पिंडदान की अमावस्या भी है। इसी दिन सावित्री व्रत भी रखा जाएगा। आओ ...
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लाल किताब में शनि ग्रह की स्थिति और प्रभाव के संबंध में आम ज्योतिष से कुछ अलग ही उल्लेख मिलता है। प्रत्येक खाने के अनुसार ही शनि के प्रभाव को जानकर उससे मुक्त होने के उपाय बताए जाते हैं। 10 जून 2021 गुरुवार को ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनिदेवजी की ...
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जन्म से लेकर 48 वर्ष की उम्र तक सभी ग्रहों का उम्र के प्रत्येक वर्ष में अलग-अलग प्रभाव होता है। उनमें से नौ ऐसे विशेष वर्ष होते हैं, जो ग्रह से संबंधित वर्ष माने गए हैं जिन पर उस ग्रह का शुभ या अशुभ प्रभाव विशेष रूप से रहता है। लाल किताब अनुसार शनि ...
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लाल किताब के अनुसार हमारे जीवन में पेड़, पौधे या वृक्षों का बहुत अधिक महत्व होता है। यदि यह घर की उचित दिशा में नहीं लगे हैं तो यह आप पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और अनुचित दिशा में लेग हैं तो नकारात्मक भी। दूसरा यह कि आपकी कुंडली के अनुसार यदि ...
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