0

12 राशियों की 12 सावधानियां और 12 अचूक उपाय

शुक्रवार,अप्रैल 3, 2020
0
1
मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्च का माना जाएगा और पांचवें घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन यहां घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
1
2
मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्च का माना जाएगा और चौथे घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन यहां यहां घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें
2
3
मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्च का माना जाएगा और चौथे घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन यहां तीसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें ...
3
4
मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्च का माना जाएगा और चौथे घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन यहां दूसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें ...
4
4
5
चंद्रमा वृषभ में उच्च, वृश्चिक में नीच का होता है। लाल किताब में चौथे भाव में चंद्रमा बली और दसवें भाव में मंदा होता है। शनि की राशियों में चंद्र बुरा फल देता है। लेकिन यहां दूसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
5
6
सूर्य मेष में उच्च, तुला में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार उच्च और नीच कुछ अलग तरह से तय होते हैं। लेकिन यहां तीसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
6
7
सूर्य मेष में उच्च, तुला में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार उच्च और नीच कुछ अलग तरह से तय होते हैं। लेकिन यहां तीसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
7
8
सूर्य मेष में उच्च, तुला में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार उच्च और नीच कुछ अलग तरह से तय होते हैं। लेकिन यहां दूसरे घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
8
8
9
हमारे शरीर में कुछ विशेष स्थान पर ग्रहों का प्रभाव पड़ता है। शरीर में जल की मात्र चंद्र है तो खून मंगल है। इसी तरह शरीर के अन्य अंगों पर अन्य ग्रहों का प्रभुत्व रहता है। हर ग्रह व्यक्ति को कुछ न कुछ बीमारी जरूर देता है। वर्तमान में जो महामारी चल रही ...
9
10
मकर और कुंभ का स्वामी शनि तुला में उच्च, मेष में नीच का होता है। लाल किताब में आठवें भाव में शनि बली और ग्यारहवां भाव पक्का घर है। सूर्य, चंद्र और मंगल की राशियों में शनि बुरा फल देता है। लेकिन लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने पर क्या ...
10
11
वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह मीन में उच्च और कन्या में नीच का होता है। लाल किताब में सप्तम भाव शुक्र का पक्का घर है। सूर्य और चंद्र के साथ या इनकी राशियों में शुक्र बुरा फल देता है। लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी ...
11
12
शनि ग्रह के लिए तीन तरह की अंगूठी होती है, पहला नीलम की अंगूठी, दूसरा लोहे की अंगूठी और तीसरा घोड़े के नाल की अंगूठी। लोहे के छल्ले या अंगुठी को शनि का छल्ला कहा जाता है। यहां लाल किताब के अनुसार लोहे की अंगूठी पहनने के 10 नियम जानिए।
12
13
पहले खाने में गुरु का होना अर्थात गद्दी पर बैठा साधु, राजगुरु या मठाधीश समझो। ऐसे जातक की जैसे-जैसे शिक्षा बढ़ेगी दौलत भी बढ़ती जाएगी। यदि गुरु पहले भाव में है तो दौलत का असर खतम, लेकिन अपने हुनर से प्रसिद्ध पा सकता है।
13
14
कन्या और मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह कन्या में उच्च, मीन में नीच का होता है। लाल किताब में छठे भाव में शनि बली और बारहवें भाव में मंदा होगा। चंद्र और मंगल के साथ एवं इनकी राशियों में बुरा फल देता है। लेकिन लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने ...
14
15
चंद्रमा वृषभ में उच्च, वृश्चिक में नीच का होता है। लाल किताब में चौथे भाव में चंद्रमा बली और दसवें भाव में मंदा होता है। शनि की राशियों में चंद्र में बुरा फल देता है। लेकिन लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
15
16
मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्चा का माना जाएगा और चौथे घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी ...
16
17
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आप ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ फल को कुछ खाकर शुभ फल में बदल सकते हैं। कहते हैं कि अन्न ही जहर है और अन्न ही अमृत है। अत: ‍उचित तिथि और समय पर निम्निलिखित भोज्य पदार्थ खाकर आप सभी ग्रहों के अच्छे फल प्राप्त कर सकते हैं।
17
18
सूर्य मेष में उच्च, तुला में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार उच्च और नीच कुछ अलग तरह से तय होते हैं। पहले घर में सूर्य है तो उसे उच्च ही माना जाएगा। लेकिन लेकिन यहां पहले घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
18
19
लाल किताब में सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान का बहुत महत्व होता है। आप भी जानिए की आपकी अंगुलियों में राशियों का स्थान कहां होता है और वे किस तरह की होती हैं।
19