स्वच्छता पर बाल कविता : नया कानून

Poem on Road Cleanliness
बीच सड़क पर थूक दिया तो,
नगर पालिका वाले आ गए।
दादाजी को बिठा कार में,
तुरत फुरत थाने पहुंचा गए।

दादा बोले जुर्म हुआ क्या,
मुझे यहां क्यों लेकर आएं।
एक बूढ़े को व्यर्थ सता कर,
आप जरा भी न शरमाएं।

बीच सड़क आज आपने,
मनमानी कर थूक दिया है।
लगा सड़क पर एक कैमरा,
जिसमें यह सब कैद हुआ है।

साफ सफाई रखें शहर की,
अभी बना है।
दिया आपने थूक सड़क पर,
इससे जुर्माना भरना है।

दादाजी ने वहीं फटाफट,
भरा पांच सौ का जुर्माना।
हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगी,
अपनी इस गलती को माना।

अब दादाजी गली-गली में
साफ सफाई करवाते हैं।
लाभ सफाई के क्या होते,
जन बच्चों को समझाते हैं।
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