1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. poem on elephant

बाल कविता: हाथी दादा

बाल कविता
elephant poem
 
ताधिक ताधिक ता ता धिन्ना।
हाथी दादा चूसो गन्ना।
 
फिर थोड़े से केले खाना।
केले खाकर मेले जाना।
 
खूब झूलना वहां हिंडोला।
चक्कर वाला झूला गोला।
 
सूंड बढ़ाना आसमान तक
ग्रह तारों के नाक कान तक।
 
गोरा चांद चूमकर आना।
काले से गोरे हो जाना।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
अगला लेख
हेल्दी रखेंगी ये 5 आदतें, कभी नहीं होंगी पेट की समस्याएं