1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. poem for children

बाल गीत : कड़क ठंड में मौज

poem for children
kids poem
कड़क ठंड है कहीं न जाएं।
घर में रहकर मौज मनाएं।
सूरज जब हड़ताल पर बैठा,
पाएं न हम भी क्यों छुट्टी।
 
सब कामों से क्यों न कर लें,
हम भी पूरी-पूरी कुट्टी।
क्यों न बिस्तर बैठे ही,
दूध जलेबी छककर खाएं।
 
बात न पढ़ने लिखने की हो,
दादी कहें कहानी अच्छी,
दादाजी से सुने चुटकले।
करे न कोई माथा पच्ची।
 
मम्मी के मीठे गानों पर,
पापाजी संगीत बजाएं।
बंद रखें खिड़की दरवाजे,
हवा कहीं से घुस न पाए।

 
चले 'रूम हीटर' कमरे में,
तो थोड़ी सी गरमी आए।
मोबाइल पर गेम खेलकर,
हम सब मिलकर धूम मचाएं।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
Skin Care : पिंपल्स की परेशानी से पाएं छुटकारा, अपनाएं ये खास टिप्स