sundarkand
✕

स्वतंत्रता दिवस कविता : मेरा देश...

Updated: मंगलवार, 9 अगस्त 2016 (12:37 IST)
देश, मेरे देश,
तेरा फूल जैसा नाम।
याद करते हैं तुझे हम,
सुबह दुपहर शाम।।


 
जब हवा चलती बसंती,
यही कहते हैं।
इंद्रधनुषी इस हवा में,
हमीं रहते हैं।।
 
धूल में भी यहां मिलता है,
हमें विश्राम।
देश, मेरे देश,
तेरा फूल जैसा नाम।।
 
धूप देह दुलारती है,
या तपाती है।
आग जैसी धूप भी यह हमें भाती है।
 
कालिदास, कबीर,
तुलसी का, यही है धाम।
देश, मेरे देश,
तेरा फूल जैसा नाम।।
 
है बड़ी दुनिया,
मगर है कौन सा वह देश।
कई रंगों के मिले हों,
जिसे सुंदर वेष।।
 
नाम ही सुनकर हमें,
मिलता सदा आराम।
देश, मेरे देश,
तेरा फूल जैसा नाम।।
 
चांदनी, चंदा, सितारे,
खुशी देते हैं।
सूर्य लाते रोज दिन,
बस अर्घ्‍य लेते हैं।।
 
देश ही संकल्प अपना,
देश ही है काम।
देश, मेरे देश,
तेरा फूल जैसा नाम।।
 
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख